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मध्य प्रदेश: 123 नगर परिषदों में 492 एल्डरमैन नियुक्त, सीएम ने दी बधाई

 

भोपाल, 29 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश की 123 नगर परिषदों में कुल 492 एल्डरमैन की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रत्येक नगर परिषद में चार-चार एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इस फैसले को स्थानीय प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और शहरी विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य की कुल 123 नगर परिषदों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षदों) की नियुक्तियां की गई हैं। प्रत्येक नगर परिषद में अधिकतम 4 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। सागर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, कटनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार,देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच की इन परिषदों की सूची जारी हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव नियुक्त एल्डरमैन को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि सभी को शहर के समग्र विकास, सुशासन और जन-भागीदारी को बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि “विकसित मध्य प्रदेश-विकसित भारत” के संकल्प के साथ सभी एल्डरमैन अपनी ऊर्जा, अनुभव और समर्पण से अपने-अपने क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे और नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे।

इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच करीब दो घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। बैठक में प्रदेश कार्यसमिति की सूची के साथ-साथ निगम-मंडलों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, संभावित नामों की सूची जल्द ही केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जा सकती है, जिसके बाद इन पदों पर नियुक्तियों की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।

एल्डरमैन नगरीय निकायों, नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में मनोनीत पार्षद होते हैं। इन्हें आम जनता द्वारा सीधे नहीं चुना जाता, बल्कि सरकार या संबंधित प्राधिकरण द्वारा नियुक्त किया जाता है। इनकी भूमिका नगर निकायों की बैठकों में भाग लेकर विभिन्न विकासात्मक मुद्दों पर अपनी राय देने की होती है। साथ ही ये शहर की योजनाओं, परियोजनाओं और नीतियों पर सुझाव देते हैं तथा स्थानीय समस्याओं को बैठक में उठाते हैं। अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर ये प्रशासन को बेहतर निर्णय लेने में सहयोग करते हैं।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी