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मनरेगा लूट की गारंटी थी, ‘विकसित भारत जी रामजी’ से होगा ग्रामीण विकास : किरेन रिजिजू

 

लखनऊ, 13 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ‘बीवी-जी रामजी’ के फायदे गिनाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ा और अहम राज्य है। यहां पर ‘बीवी-जी राम-जी’ अधिनियम से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए वर्कशॉप रखी गई है।

उन्होंने कहा कि 11 लाख करोड़ से अधिक खर्च किए जाने के बाद भी हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में जो विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। मनरेगा में सबसे अधिक राशि जहां दिए जाने की जरूरत थी, वहां न देकर उस जगह अधिक राशि दी गई, जहां इसमें भ्रष्टाचार अधिक हुआ।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर ‘गारंटी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया, लेकिन असल में यह लूट की गारंटी थी। इसमें कुछ लोग तालमेल करके सारा पैसा लूट लेते थे। हमने इसलिए बदलाव किया है। भारत को विकसित बनाना है तो ग्रामीण क्षेत्रों को भी साथ लेकर चलना होगा। इसलिए ‘बीवी-जी राम-जी’ बिल लाया गया।

उन्होंने कहा कि ‘बीवी-जी राम-जी’ कानून में 125 दिन के काम की गारंटी दी गई है। इसके साथ ही अगर इसमें कोई देरी होती है तो इसके लिए जुर्माना भी होता है। इसमें ऐसी कोई गुंजाइश नहीं है, जिससे भ्रष्टाचार किया जा सके। सब कुछ डिजिटल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘बीवी-जी राम-जी’ से जुड़े प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग की जाएगी।

किरेन रिजिजू ने कहा कि खेती के समय हमने छूट दी है, जिससे किसानों को नुकसान न झेलना पड़े। उन्होंने कहा कि शिक्षा के ढांचे, स्वास्थ्य के ढांचे, पानी के संरक्षण और गांव की जरूरत के हिसाब से कई काम किए जाएंगे। बच्चों, महिलाओं और गरीबों के लिए काम को भी इस प्रावधान में जोड़ा गया है।

उन्होंने दावा किया कि अगले दो से तीन साल में इसका फर्क साफ-साफ देखने को मिलेगा। सबसे अधिक गांव उत्तर प्रदेश में हैं, सबसे अधिक आबादी उत्तर प्रदेश में है, तो सबसे अधिक बदलाव भी उत्तर प्रदेश में ही दिखने वाला है। उन्होंने बताया कि मैं पहाड़ी क्षेत्रों से आता हूं, वहां भी लोगों को फायदा होगा, लेकिन सबसे अधिक फायदा उत्तर प्रदेश के लोगों को मिलने वाला है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को बहकावे और भ्रम में नहीं आना है। जब नागरिकता कानून आया था, तब भी सपा, कांग्रेस और अन्य विरोधियों ने मुसलमानों को भ्रमित किया था। इसी तरह का दुष्प्रचार ये लोग करने वाले हैं। उनके बहकावे में नहीं आना है। मनरेगा में चल रहे भ्रष्टाचार को रोकने की हमने बहुत कोशिश की, लेकिन उसमें कानून ही ऐसा था कि हमें कामयाबी नहीं मिली। अंत में हमें कानून ही बदलना पड़ा।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम