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Live Update : Private Bus Strike: तमिलनाडु में 24 घंटे निजी बसों की हड़ताल, किराया बढ़ाने समेत इन मांगों पर अड़े ऑपरेटर
 

 

तमिलनाडु में निजी बस यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। राज्य के निजी बस ऑपरेटरों ने 29 सितंबर की रात से 30 सितंबर की रात तक 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। ऑपरेटर लंबे समय से यात्री किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। हालांकि, चेन्नई, मदुरै, नागरकोइल और ऊटी में चलने वाली निजी बसें इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगी।
करीब 7 हजार निजी बसें प्रभावित होने की संभावना
निजी बस ऑपरेटरों के फेडरेशन के मुताबिक, तमिलनाडु में करीब 7,000 निजी बसें संचालित होती हैं। हड़ताल के कारण इनमें से बड़ी संख्या में बसों का परिचालन प्रभावित हो सकता है। ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के मुकाबले मौजूदा यात्री किराया पर्याप्त नहीं है।
2018 के बाद नहीं बढ़ा किराया
बस ऑपरेटरों का दावा है कि राज्य में आखिरी बार 2018 में यात्री किराए में संशोधन किया गया था। उस समय डीजल की कीमत करीब 64 रुपये प्रति लीटर थी, जबकि अब यह कीमत 100 रुपये से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स, रखरखाव और अन्य खर्चों में भी बढ़ोतरी हुई है।
ऑपरेटरों का कहना है कि लागत बढ़ने के बावजूद किराए में लंबे समय से बदलाव नहीं होने के कारण निजी बस सेवाओं को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।


महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना पर भी आपत्ति
निजी बस ऑपरेटरों ने 2 अक्टूबर से महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना के विस्तार को लेकर भी विरोध जताया है। उनका कहना है कि सरकारी बसों में इस योजना के बदले सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है, जबकि निजी बस संचालकों को ऐसी आर्थिक सहायता नहीं मिलती।
ऑपरेटरों की मांग है कि मुफ्त यात्रा की सुविधा निजी बसों में भी लागू की जाए और इसके लिए सरकार निजी बस संचालकों को उचित सब्सिडी या मुआवजा दे।
किन शहरों में नहीं होगी हड़ताल?
फेडरेशन के अनुसार चेन्नई, मदुरै, नागरकोइल और ऊटी में निजी बस सेवाएं हड़ताल से बाहर रहेंगी। बाकी क्षेत्रों में हड़ताल का असर बस सेवाओं पर पड़ सकता है।
निजी बस ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में यात्री किराए में संशोधन, बढ़ती परिचालन लागत को ध्यान में रखते हुए राहत और महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना को निजी बसों तक लागू करने पर सरकार से सब्सिडी शामिल है।