'लाइसेंस विधायक नहीं देते', होटल अग्निकांड को लेकर सोमनाथ भारती ने भाजपा को घेरा
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक सोमनाथ भारती ने सोमवार को कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। भारती ने मालवीय नगर होटल अग्निकांड को लेकर भाजपा नेता हर्ष मल्होत्रा और हरीश खुराना के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा नेताओं ने उनके और तत्कालीन मंत्री सौरभ भारद्वाज के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में तथ्य पेश नहीं किए, तो मामला अदालत में आगे बढ़ाया जाएगा।
मालवीय नगर में हुए होटल अग्निकांड का जिक्र करते हुए सोमनाथ भारती ने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली थी। वह जिस इलाके से तीन बार विधायक रहे हैं, वहां हुई इस घटना ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया। इस हादसे में उनके एक मित्र की 26 वर्षीय बेटी की भी जान चली गई। ऐसे दुखद हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जिम्मेदारी तय करने की जरूरत थी। दिल्ली में भाजपा के सत्ता में आने के बाद पर्याप्त समय बीत चुका था और केंद्र व दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में अलग-अलग स्तरों पर भाजपा की भूमिका रही है। ऐसे में जिम्मेदारी से बचने के लिए पूर्व जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि होटल के लाइसेंस, निर्माण और पुलिस से जुड़े निरीक्षण जैसे मामलों की जिम्मेदारी विधायक की नहीं होती। विधायक न तो दिल्ली पुलिस को नियंत्रित करता है, न ही नगर निगम के लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को और न ही यह तय करता है कि किसी प्रतिष्ठान को कितने कमरों के संचालन की अनुमति दी गई है। होटल को 3 मई 2024 को लाइसेंस मिला था। 2024 में लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद दिल्ली में चुनाव आयोग की भूमिका बढ़ गई थी और उस दौरान यदि लाइसेंस जारी हुआ, तो इसकी प्रक्रिया और जिम्मेदारी की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से इस बारे में तथ्य सामने रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि अदालत में मामला जाने के बाद लाइसेंस जारी करने से लेकर होटल के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था तक सभी तथ्यों की जांच हो सकती है। राजनीतिक तौर पर खुद को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाए गए। यदि किसी होटल को छह कमरों के संचालन का लाइसेंस मिला था, तो वहां कथित तौर पर 26 कमरे कैसे संचालित हो रहे थे। इस तरह के मामलों में स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बनती है कि वे नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करें।
भाजपा नेता हर्ष मल्होत्रा और हरीश खुराना के बयानों पर आपत्ति जताते हुए सोमनाथ भारती ने कहा कि दोनों ने उनके और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए जिनका तथ्यों से कोई संबंध नहीं है। यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए सबूत नहीं हैं तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। मैंने दोनों नेताओं को मानहानि का नोटिस भेज दिया है और अब उन्हें अदालत में अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने होंगे।
दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर भी सोमनाथ भारती ने केंद्रीय गृह मंत्री को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का आदेश किस स्तर से दिया गया। केंद्र सरकार को इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है और इसलिए पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्रालय से जवाब मांगा जाना चाहिए।
रांची में जारी छात्रों के प्रदर्शन पर भारती ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे से बचने का रास्ता तलाश रही है। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई घटना को लेकर छात्र पीछे हटने वाले नहीं हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा और छात्र अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में छात्रों द्वारा स्कूलों में पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग का उदाहरण भी दिया। छात्रों और युवाओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है और इसे केवल पुलिस कार्रवाई या राजनीतिक बयानबाजी के जरिए दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा का प्रमुख संस्थान है और वहां वैज्ञानिक सोच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने धर्म, आस्था और विज्ञान को अलग-अलग क्षेत्र बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन वैज्ञानिक संस्थानों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को महत्व दिया जाना चाहिए। आज का युवा काफी जागरूक और सूचनाओं से लैस है तथा वह विभिन्न माध्यमों से घटनाओं और राजनीतिक बयानों के बारे में जानकारी हासिल करता है।
--आईएएनएस
पीएसके/एबीएम