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एलजी मनोज सिन्हा ने ‘नशामुक्त जम्मू कश्मीर’ के लिए जन आंदोलन की शुरुआत की

 

श्रीनगर, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ‘नशामुक्त जम्मू कश्मीर’ के लिए एक व्यापक जन आंदोलन की शुरुआत की। इस अभियान का शुभारंभ जम्मू के एम स्टेडियम से किया गया, जिसकी जानकारी उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' के माध्यम से साझा की।

इस पहल को केंद्र शासित प्रदेश के हर गांव, कस्बे, शहर और घर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ा जा सके।

उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट कर लिखा कि शनिवार को जम्मू के एम ​​स्टेडियम से 'नशामुक्त जम्‍मू कश्‍मीर' के लिए एक ऐतिहासिक जन-आंदोलन का शुभारंभ किया गया। हमने एक ऐसे संकल्प को आवाज दी है जो इस केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के हर गांव, हर कस्बे, हर शहर, हर घर और हर दिल तक पहुंचेगा, और इस क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के हमारे संकल्प को पूरा करेगा।

उपराज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि अगले तीन महीने अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान यह अभियान छह स्पष्ट चरणों में आगे बढ़ेगा—जागरूकता के गहन अभियान, युवाओं पर केंद्रित कार्यक्रम, सामुदायिक भागीदारी, कड़ा कानून-प्रवर्तन, पुनर्वास और मूल्यांकन। जम्‍मू-कश्‍मीर को नशे के इस खतरे से मुक्त कराने के लिए हम 'संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण' के साथ आगे बढ़ेंगे।

'नशामुक्त जम्‍मू कश्‍मीर' अभियान के लिए न केवल सहानुभूति, बल्कि सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की समस्या है—यह किसी एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि हम सभी के लिए एक चुनौती है। हम सब मिलकर, अटूट संकल्प के साथ, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की इस बुराई से लड़ेंगे और इसे परास्त करेंगे।

उन्‍होंने कहा कि हम पूरी दृढ़ता से यह संकल्प लेते हैं कि प्रशासन किसी भी युवा, किसी भी परिवार, या किसी भी सपने को नशे के इस गहरे अंधकार में डूबने नहीं देगा। मेरा यह पक्का विश्वास है कि नशे की लत से जुड़े आंकड़े तो केवल प्रतिशत और केस फाइलें दिखाते हैं, लेकिन हर आंकड़े के पीछे एक जीवंत कहानी, एक परिवार का संघर्ष और उनकी पीड़ा छिपी होती है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी