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वोटर लिस्ट का ताज़ा अपडेट: ओखला, तुगलकाबाद और बुराड़ी में सबसे ज़्यादा कटौतियाँ, सूची में बदरपुर भी शामिल

 

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में मौजूदा करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख 56 हजार से ज्यादा नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं हैं. इन नामों में ऐसे मतदाता शामिल हो सकते हैं जो दूसरी जगह स्थायी रूप से चले गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज हैं.

SIR के तहत दिल्ली में 1 करोड़ 45 लाख 10 हजार 299 मतदाताओं का सत्यापन किया गया. इस दौरान 67 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने बीएलओ को डिजिटल तरीके से अपनी जानकारी उपलब्ध कराई.

किन इलाकों में सबसे ज्यादा नाम हटे?

विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुछ इलाकों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों का अनुपात काफी ज्यादा है.

  • तुगलकाबाद: 47.85 फीसदी
  • ओखला: 45.33 फीसदी
  • कस्तूरबा नगर: 44.03 फीसदी
  • बदरपुर: 42.67 फीसदी

संख्या के लिहाज से भी ओखला, तुगलकाबाद, बुराड़ी, बदरपुर, विकासपुरी और रिठाला जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं. ओखला में करीब 1.63 लाख, जबकि बदरपुर और विकासपुरी में लगभग 1.46 लाख और रिठाला में करीब 1.06 लाख नाम कम हुए हैं.

दिल्ली कैंट से रोहिणी तक क्या है स्थिति?

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र में करीब 22,855 नाम हटाए गए हैं. वहीं शकूर बस्ती में 27,233, रोहिणी में 24,888, राजौरी गार्डन में 30,856 और मटिया महल में 32,099 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं.

प्रतिशत के हिसाब से देखें तो रोहिणी में करीब 16.5 फीसदी नाम हटाए गए हैं, जो इन प्रमुख इलाकों में सबसे कम है. इसके बाद शकूर बस्ती में 18.74 फीसदी, राजौरी गार्डन में 20.86 फीसदी और मंगोलपुरी में करीब 21.24 फीसदी नाम कम हुए हैं.

चांदनी चौक से बल्लीमारान तक भी बड़ी संख्या में नाम घटे

पुरानी दिल्ली के कई विधानसभा क्षेत्रों में भी मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. चांदनी चौक में करीब 39 फीसदी, बल्लीमारान में 32.6 फीसदी, मुस्तफाबाद में 28 फीसदी, बाबरपुर में 27 फीसदी और सीलमपुर में 23.3 फीसदी नाम कम हुए हैं.

वहीं कस्तूरबा नगर और आरके पुरम में भी करीब 44 फीसदी नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं.

क्यों हटाए गए 47 लाख से ज्यादा नाम?

आंकड़ों के मुताबिक, हटाए गए नामों में बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है जो दिल्ली से दूसरी जगह स्थायी रूप से चले गए हैं. बताया गया है कि करीब 43 फीसदी नाम ऐसे लोगों के हैं जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं. इसके अलावा लगभग 2.8 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि करीब डेढ़ लाख डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम भी सामने आए हैं.

हालांकि, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता के पास अपना नाम दोबारा जुड़वाने का मौका नहीं है. इसके लिए निर्वाचन आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है.

30 सितंबर तक नाम जुड़वाने का मौका

अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो आप 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 के बीच अपना दावा पेश कर सकते हैं. इसके लिए निर्धारित दस्तावेजों के साथ फॉर्म 6 जमा करना होगा.

अगर कोई व्यक्ति दिल्ली में अपना स्थायी पता बदलकर किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में चला गया है, तो उसे नए पते वाले निर्वाचन क्षेत्र में फॉर्म 6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करना होगा.

दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी.

ऐसे चेक करें वोटर लिस्ट में अपना नाम

मतदाता अपना नाम दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट या निर्वाचन आयोग के वोटर पोर्टल के जरिए चेक कर सकते हैं. EPIC यानी वोटर आईडी नंबर की मदद से राज्य के रूप में दिल्ली का चयन करके अपना नाम खोजा जा सकता है.

इसके अलावा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा की मदद से भी मतदाता सूची में अपना नाम चेक किया जा सकता है.

फॉर्म 6 क्या है?

फॉर्म 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने या नाम दोबारा शामिल कराने के लिए किया जाता है. आवेदन के साथ जन्मतिथि और निवास स्थान से जुड़े दस्तावेज देने होते हैं.

जन्मतिथि के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, जबकि पहचान और पते के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या 10वीं-12वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जा सकते हैं. उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आवेदक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रमाण प्रस्तुत करना होगा.

इसलिए अगर SIR के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. 30 सितंबर तक दावा दाखिल करके अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का मौका मौजूद है.