लालू यादव की सेहत से लेकर परिसीमन तक, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कई मुद्दों पर रखी पार्टी की राय
पटना, 18 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने शनिवार को कई अहम राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सेहत, वंदे मातरम, परिसीमन विधेयक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर बात कही।
लालू प्रसाद यादव की सेहत पर बोलते हुए भाई वीरेंद्र ने आईएएनएस से कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है और उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके आवास के आसपास का क्षेत्र साफ-सुथरा नहीं है, इसलिए उनकी देखभाल और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
वंदे मातरम पर अपनी राय रखते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय गीत गाना पूरी तरह सही है और यह देशहित में है। उन्होंने कहा कि वह इसका समर्थन करते हैं, लेकिन ऐसा कोई कानून नहीं बनाया जाना चाहिए जिससे बेवजह विवाद खड़ा हो। हर व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए।
परिसीमन विधेयक और इंडिया ब्लॉक के भीतर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा, "पहले बिल आने दीजिए। पिछली बार भी बिल गिर गया था। अब सरकार किसी तरह दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में लगी है, ताकि अपना बिल पास करा सके। कई लोगों को ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर अपने पक्ष में लाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इंडिया ब्लॉक पूरी तरह एकजुट और दृढ़ है।"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आरएसएस को 'सभ्यतागत शक्ति' और राष्ट्रसेवा करने वाला संगठन बताए जाने पर भाई वीरेंद्र ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, तब आरएसएस कहां था। वे अंग्रेजों के साथ थे और उनकी मदद कर रहे थे। जब देश के लोग भारत की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब उन्होंने उस लड़ाई का साथ नहीं दिया।"
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक सभ्यतागत शक्ति और राष्ट्र की सेवा करने वाला संगठन है, जिसे किसी सरकारी प्रमाणपत्र या मान्यता की जरूरत नहीं है।
वहीं, राजद के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "पार्टी आज भी मृत्युंजय तिवारी को आरजेडी का हिस्सा मानती है।"
--आईएएनएस
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