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लखीसराय भगदड़ को लेकर नेताओं ने जताया शोक, गिरिराज बोले-सभी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं

 

लखीसराय, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के लखीसराय जिले के अशोकधाम मंदिर में सोमवार को हुई भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "देखिए, मैं इस घटना में घायल या प्रभावित हुए सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। कृपया अफवाहें न फैलाएं; ऐसी दुर्घटनाएं अफवाहों के कारण ही होती हैं।"

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, "लखीसराय के अशोक धाम में सावन के तीसरे सोमवार को अचानक भीड़ बहुत बढ़ गई। यह अफवाह फैल गई कि बिजली का तार या खंभा गिर गया है और उसमें करंट दौड़ रहा है, जिससे भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।"

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, "सरकार इस घटना के कारणों की जांच करेगी। अगर कोई लापरवाही या कमी पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

वहीं, बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, "यह एक दुखद और पीड़ादायक घटना है हम मृतकों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों को हिम्मत मिलने की प्रार्थना करते हैं। यह एक गंभीर मामला है और सरकार इसकी जांच करेगी।"

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "यह बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना है। बिहार सरकार ने तुरंत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि घायलों को जल्द और सही इलाज मिले। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।"

बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, "यह घटना बहुत दुखद है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे इस मुश्किल समय में जान गंवाने वालों के परिवारों को हिम्मत दें। सभी धर्मों और आस्थाओं के लोगों को थोड़ा संयम बरतना चाहिए। ऐसा लगता है कि लोग जल्दबाजी में हैं और बहुत घबराहट है। जल्दबाजी करने के बजाय, श्रद्धालुओं को नियमों का पालन करना चाहिए, कतार में रहना चाहिए और सभी बातों का ध्यान रखते हुए प्रार्थना करनी चाहिए।"

जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा, "लखीसराय में एक ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल, अशोक धाम में यह घटना तब हुई जब भक्त भगवान महादेव की पूजा कर रहे थे और भीड़ का दबाव अचानक और अनावश्यक रूप से बढ़ गया। यह बेहद दुखद और दर्दनाक है कि लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए।"

--आईएएनएस

एसडी/पीएम