कुवैत में हवाई यातायात फिर शुरू, ईरानी हमलों के बाद अस्थायी रोक हटाई गई
कुवैत सिटी, 6 जून (आईएएनएस)। कुवैत के सिविल एविएशन डायरेक्टरेट ने शनिवार दोपहर बताया कि देश में हवाई यातायात को फिर से शुरू कर दिया गया है। इससे पहले ईरानी हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा स्थिति को देखते हुए कुवैत का एयरस्पेस कुछ समय के लिए बंद किया गया था। इस दौरान कुवैत एयरवेज और जजीरा एयरवेज की कुल 11 उड़ानों को पास के हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इनमें से कई उड़ानों को सऊदी अरब के दम्माम और रियाद एयरपोर्ट पर भेजा गया।
एविएशन विभाग ने बताया कि यह कदम एहतियात के तौर पर “मिसाइल और ड्रोन खतरे” के चलते उठाया गया था। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रित होने पर हवाई यातायात दोबारा सामान्य कर दिया गया।
कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि देश का हवाई क्षेत्र सुरक्षा कारणों से दो घंटे के लिए अस्थायी रूप से बंद किया गया था। यह कदम सुबह 4:15 बजे से 6:15 बजे तक एहतियात के तौर पर उठाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला उस समय लिया गया जब देश को ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सभी उड़ानों की आवाजाही रोक दी गई थी।
बयान में कहा गया कि संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद जब यह सुनिश्चित हो गया कि स्थिति नियंत्रण में है और खतरा टल गया है, तब हवाई यातायात और आने-जाने वाली उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया गया।
हवाई क्षेत्र दोबारा खुलने के बाद डायवर्ट की गई सभी उड़ानें सुरक्षित रूप से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस लौट आईं। अधिकारियों ने कहा कि संचालन को उच्चतम सुरक्षा और मानकों के अनुसार फिर से सामान्य कर दिया गया है।
शनिवार को ईरान से बहरीन और कुवैत की ओर 7 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के दागे जाने का दावा किया गया। जिसे बहरीन विदेश मंत्रालय ने इसे देश की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
मनामा ने कहा कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया और इसके लिए उसने अपनी और कुवैत की सेनाओं की सतर्कता की तारीफ की।
बहरीन ने ईरान से तुरंत हमले रोकने, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोलने, समुद्री बारूदी सुरंगों की जानकारी देने और फंसे हुए 20 हजार से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित निकलने देने की मांग की।
वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया था कि कुवैत में मौजूद दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी ने इसे अमेरिका की कार्रवाई का जवाब बताया है।
--आईएएनएस
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