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केपीएससी को बंद कर देना चाहिए, इसमें मौजूद हैं भ्रष्ट तत्व : सीएम डीके शिवकुमार

 

बेंगलुरु, 22 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। हाईकोर्ट द्वारा केपीएससी घोटाले की जांच के लिए एसआईटी बनाने के आदेश पर सीएम शिवकुमार ने कहा कि सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा, "कोई आपत्ति नहीं है। राज्य पुलिस ने पहले ही जांच की है और बहुत अच्छा काम कर रही है। इस बीच ईडी भी आ गई है और उन्हें भी जांच करने दीजिए, कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि एक बात है कि हमारे लोग बहुत सक्षम तरीके से काम कर रहे थे।"

सीएम शिवकुमार ने कहा कि एसआईटी बन सकती है लेकिन अधिकारी कैसे इसमें दखल दे सकते हैं, यह समझ नहीं आता। पहले भी कई निर्देश आए हैं। सरकार कानूनी तौर पर जांच करेगी कि किसे नियुक्त किया जाना चाहिए और किसे नहीं। यह सरकार पर छोड़ा जाना चाहिए। अगर सीआईडी ठीक से जांच नहीं कर रही है, तो वे जो चाहें कर सकते हैं। हाईकोर्ट जारी जांच रिपोर्ट की निगरानी कर सकता है। अधिकारियों के जरिए जांच करवाना (सरकार का वैध अधिकार), यह व्यापक चर्चा का विषय है।

सीएम ने कहा, "हम बहुत गंभीर हैं। सच कहूं तो मैं विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रहा हूं कि केपीएससी को कैसे बंद किया जाए। केपीएससी को बंद कर देना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ बड़े भ्रष्ट तत्व घुस गए हैं। चेयरमैन और अन्य के खिलाफ पहले ही पर्याप्त सबूत मिल चुके हैं।"

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कर्नाटक के सौजन्या रेप और मर्डर केस की जांच के लिए नई एसआईटी बनाने के आदेश पर मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे कल शाम इस बारे में मैसेज मिला। मैंने अभी तक फैसला नहीं पढ़ा है। विधानसभा के बाद मैं इसे देखूंगा। हम किसी भी चीज को लेकर चिंतित नहीं हैं। कानून अपना काम करेगा। हम किसी भी तरह की जांच या मामले में दखल नहीं देना चाहते।"

बता दें कि सौजन्या केस कर्नाटक के धर्मस्थल (उजिरे) क्षेत्र में 17 वर्षीय कॉलेज छात्रा सौजन्या के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का एक बहुचर्चित और लंबे समय से अनसुलझा मामला है।

राज्य की वित्तीय स्थिति पर पूछे गए सवाल पर डीके शिवकुमार ने कहा, "मुझे पता है, वित्त मंत्री के तौर पर कौन से कार्यक्रमों में कटौती करनी है और कौन से जरूरी हैं। आखिर जीना भी तो जरूरी है, है ना? हमने पांच गारंटी योजनाएं क्यों दीं? महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा क्यों दी? घरों को मुफ्त बिजली क्यों दी? क्योंकि कीमतें काफी बढ़ गई हैं और लोगों की आय कम हो गई है। इसलिए हमने ये सुविधाएं दी हैं। हम किसानों और सभी वर्गों की मदद कर रहे हैं।"

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने केईओएनआईसीएस के स्वर्ण जयंती समारोह में भी हिस्सा लिया। 50 साल पूरे होने पर सीएम ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है। हम केईओएनआईसीएस तक पहुंचे हैं। यह बहुत अच्छी प्रगति कर रहा है। देवराज अर्स, एस.एम. कृष्णा और वीरप्पा मोइली जैसे नेताओं द्वारा शुरू की गई इस संस्था ने हमारे बच्चों के भविष्य के लिए, खासकर ग्रामीण छात्रों के लिए एक बड़ा एआई पीसी तैयार किया है। इसे हाल ही में लॉन्च किया गया था। अब हमने मैंगलोर और गुलबर्गा में भी इसी तरह का दूसरा प्रयास करने का फैसला किया है। हम बेंगलुरु के अलावा कई और ऐसे कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे।"

बता दें कि केईओएनआईसीएस (कर्नाटक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड) ने सितंबर 2026 में अपनी 50वीं गोल्डन जुबली (स्थापना 1976 में) मनाई। इसने कर्नाटक की टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स और ई-गवर्नेंस की यात्रा में एक अग्रणी के तौर पर पांच दशक पूरे किए।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम