कोटा की ‘गोल्डन गर्ल’ अरुंधती चौधरी ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण, 5-0 से रचा इतिहास
राजस्थान के कोटा की स्टार बॉक्सर अरुंधती चौधरी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। गुरुवार को मंगोलिया में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
70 किलोग्राम भार वर्ग में खेले गए इस मुकाबले में अरुंधती ने कजाकिस्तान की मजबूत बॉक्सर बख्येत सेईदिश को 5-0 के एकतरफा अंतर से हराकर खिताब जीत लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही अरुंधती ने आक्रामक रणनीति अपनाई और अपनी विपक्षी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा।
रिंग में उनकी तेज़ फुटवर्क, सटीक पंचिंग और डिफेंसिव तकनीक का शानदार संतुलन देखने को मिला। पहले राउंड से ही उन्होंने बढ़त बना ली, जिसे आखिरी तक बनाए रखते हुए निर्णायकों का सर्वसम्मति फैसला अपने पक्ष में कर लिया।
इस जीत के साथ ही अरुंधती ने न केवल स्वर्ण पदक हासिल किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी में अपनी मजबूत पहचान को और भी पुख्ता कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि को राजस्थान के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Arundhati Choudhary ने इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कोटा की यह खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर भारतीय बॉक्सिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
मुकाबला मंगोलिया में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तहत हुआ, जिसमें एशिया के कई शीर्ष देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
Asian Boxing Championships में अरुंधती का यह प्रदर्शन भारत के लिए गर्व का क्षण है। उनकी जीत के बाद खेल प्रेमियों और कोचिंग स्टाफ में उत्साह का माहौल है।
कोचिंग टीम का कहना है कि अरुंधती की यह जीत उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। आने वाले समय में उनसे और भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पदक की उम्मीद की जा रही है।
अरुंधती की इस ऐतिहासिक जीत पर खेल जगत, कोटा शहर और राजस्थान में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
कुल मिलाकर, कोटा की ‘गोल्डन गर्ल’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का परचम लहराया जा सकता है।