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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग कर भागे शूटरों को कोटा पुलिस ने ट्रेन में 5 मिनट में दबोचा, वीडियो में जाने मुंबई पुलिस से मिला था इनपुट

 

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद फरार हुए तीनों आरोपियों को कोटा पुलिस और आरपीएफ ने जयपुर-पुणे ट्रेन में सवार होने के दौरान पकड़ लिया। मुंबई पुलिस से मिले सटीक इनपुट के आधार पर दोनों टीमों ने घेराबंदी की और ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचने के महज पांच मिनट के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।कोटा। मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग कर फरार हुए शूटरों को पकड़ने में कोटा पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तेजी से कार्रवाई की। दोनों टीमों ने आपसी तालमेल और सटीक सूचना के आधार पर जयपुर-पुणे ट्रेन में बैठे तीनों आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई। ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचने से पहले ही पुलिस को पता चल गया था कि आरोपी किस कोच में सवार हैं। इसी जानकारी के आधार पर स्टेशन पर घेराबंदी की गई।

मुंबई पुलिस से मिला था सटीक इनपुट

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/A2Q_d2s8KCM?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/A2Q_d2s8KCM/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

जानकारी के अनुसार, मुंबई पुलिस ने कोटा पुलिस को सुबह करीब 9:15 बजे आरोपियों के संबंध में सूचना दी थी। वहीं, आरपीएफ को सुबह 9:30 बजे इनपुट मिला। जयपुर-पुणे ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 10:15 बजे था। ऐसे में पुलिस और आरपीएफ के पास आरोपियों को पकड़ने की रणनीति तैयार करने तथा मौके पर तैनात होने के लिए करीब एक घंटे का समय था।मुंबई पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज भी साझा की थी। फुटेज में दिखाई दे रहे चेहरों के आधार पर कोटा पुलिस के जवानों ने संदिग्धों की पहचान की। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया था कि तीनों आरोपी ट्रेन के जनरल कोच में बैठे हैं।

प्लेटफॉर्म पर पहले से तैनात थी टीम

पुलिस और आरपीएफ ने मिली जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म पर घेराबंदी की योजना बनाई। ट्रेन के जिन स्थानों पर दोनों जनरल कोच रुकने थे, वहां करीब 8 से 10 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसके अलावा आरपीएफ के दो जवान भी मौके पर मौजूद रहे।

टीम का मुख्य उद्देश्य आरोपियों को ट्रेन से उतरने या किसी तरह भागने का मौका दिए बिना पकड़ना था। इसके लिए जवानों को पहले से ही निर्धारित स्थानों पर तैनात कर दिया गया था। आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाया गया, जिससे संदिग्धों को पहचानने में मदद मिली।

पांच मिनट की देरी से पहुंची ट्रेन

जयपुर-पुणे ट्रेन कोटा स्टेशन पर सुबह 10:15 बजे पहुंचने वाली थी और यहां इसका ठहराव 10 मिनट का निर्धारित था। हालांकि, प्लेटफॉर्म नंबर एक पर एक अन्य सुपरफास्ट ट्रेन खड़ी होने के कारण जयपुर-पुणे ट्रेन करीब पांच मिनट की देरी से सुबह 10:20 बजे पहुंची।

ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही पहले से तैनात पुलिस और आरपीएफ की टीम सक्रिय हो गई। जनरल कोच में बैठे तीनों आरोपियों को घेरकर पकड़ लिया गया। इस तरह मुंबई में फायरिंग की घटना के बाद फरार हुए आरोपियों को कोटा में ट्रेन के अंदर ही दबोच लिया गया।इस पूरी कार्रवाई में मुंबई पुलिस से मिले इनपुट, सीसीटीवी फुटेज के जरिए पहचान और कोटा पुलिस व आरपीएफ के बीच समन्वय ने अहम भूमिका निभाई। समय रहते मिली सूचना और पहले से तैयार रणनीति के कारण आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला।