कोलकाता भगदड़ पर कांग्रेस नेताओं ने जताई संवेदना, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली/ मुंबई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर कांग्रेस नेताओं ने दुख जताया और सरकार से जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता उदित राज ने आईएएनएस से कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी घटना हुई। कांग्रेस पार्टी की ओर से पीड़ितों के प्रति संवेदना। सरकार को घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करना चाहिए ताकि उनकी जान बचाई जा सके। निश्चित तौर पर लापरवाही हुई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, "यह सुनिश्चित करना कि ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो, यह जिम्मेदारी कहीं न कहीं प्रशासन की भी है। जब इतने बड़े पैमाने पर आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, तो आग बुझाने के उचित इंतजाम उपलब्ध होने चाहिए। ऐसी घटनाएं यहां-वहां होती रहती हैं, जिससे लोगों की जान चली जाती है। इस नुकसान को रोकना एक जिम्मेदारी है जो सरकार और स्थानीय प्रशासन को लेनी चाहिए। जहां भी लोग बड़े पैमाने पर इकट्ठा होते हैं और ऐसे आयोजन होते हैं, सरकार को जवाबदेही लेनी चाहिए।"
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली पर हुसैन दलवई ने कहा, "अभी लोगों के मन में गुस्सा है क्योंकि यह सरकार बिल्कुल भी कुछ सुनती नहीं है। बार-बार मुद्दा उठाने और विभिन्न तरीकों से विरोध करने के बावजूद, जिसमें इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन भी शामिल है, जहां 12 अक्टूबर को दिल्ली में अपनी आवाज उठाने के लिए भारी भीड़ इकट्ठी हुई थी, सरकार अभी भी एसआईआर को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, न ही उन्हें हटा रही है। ज्ञानेश कुमार को हटाना जरूरी है लेकिन वे ऐसा करने से इनकार कर रहे हैं। इस वजह से इंडिया ब्लॉक की ओर से 1 नवंबर को एक बड़ी बैठक होगी, जहां पूरे भारत के सभी राज्यों के लोग, साथ ही विभिन्न संगठन एकजुट होंगे और बड़ी संख्या में भाग लेंगे।"
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर हुसैन दलवई ने कहा, "इसे बदलना चाहिए, लोगों पर अत्याचार करने वाली सरकार कैसे रह सकती है। यह लोकतंत्र है, जहां सरकार संविधान के अनुसार चलती है। यहां चुनाव होते रहते हैं। यह एक संवैधानिक सरकार है। यहां फासीवादी सरकार नहीं चलेगी। वर्तमान सरकार फासीवाद की ओर बढ़ रही है और हर कोई इसके खिलाफ खड़ा है।"
बता दें कि उद्धव ठाकरे ने कहा था कि यदि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लोगों से वोट देने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार छीन रही है, तो ऐसी सरकार को बदलने की जरूरत है।
--आईएएनएस
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