किसानों की मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना, राकेश टिकैत बोले-तीनों प्राधिकरणों के बाहर डटे रहेंगे किसान
गौतम बुद्ध नगर, 15 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ओर से सोमवार को गौतम बुद्ध नगर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। महापंचायत में जिले के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए। किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। महापंचायत को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने संबोधित किया था।
महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में किसान पैदल मार्च करते हुए यमुना प्राधिकरण कार्यालय के सामने पहुंचे। किसानों के मुताबिक, पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें आगे बढ़ने से रोकने और आंदोलन को लेकर सख्ती किए जाने के विरोध में किसान सड़क पर ही बैठ गए। इसके बाद किसानों ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर किसानों की बड़ी भीड़ जमा होने से माहौल काफी गरम रहा। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और प्राधिकरणों की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया। किसानों के साथ वादाखिलाफी की गई है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है। महापंचायत में किसानों ने एक सुर में अपनी प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। किसानों की मांग है कि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे, 10 प्रतिशत किसान कोटा के प्लॉट और आबादी के लंबित मामलों का निस्तारण तत्काल किया जाए।
इसके साथ ही क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने, नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने जमीनों के गलत तरीके से किए गए अधिग्रहण को लेकर प्रशासन से अपनी नीति स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीनें अधिग्रहण की प्रक्रिया में गई हैं, उन्हें नियमानुसार अधिकार और उचित लाभ मिलना चाहिए। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट में क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
महापंचायत में भूमिहीन किसानों के लिए 120 वर्ग मीटर के प्लॉट उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। किसानों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के कारण जिन लोगों की जमीन चली गई या जो भूमिहीन हो गए हैं, उनके पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने प्रशासन से किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की। भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, किसान अपनी मांगों को लेकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण, तीनों प्राधिकरणों के बाहर डटे हुए हैं। किसान नेताओं ने संकेत दिया कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
--आईएएनएस
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