राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता तोड़ो’ बयान पर किरेन रिजिजू का पलटवार, वीडियो में पूछा- हिंदू परंपराओं को ही क्यों निशाना बनाती है कांग्रेस
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता को लेकर दिए बयान पर सवाल उठाए हैं। रिजिजू ने कांग्रेस पर सामाजिक सुधार के मुद्दे पर चुनिंदा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि पार्टी हिंदू परंपराओं को ही निशाना क्यों बनाती है और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं की स्थिति को लेकर चुप क्यों रहती है।रिजिजू ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी के बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में महिलाओं के अधिकारों और समानता के लिए खड़ी है, तो उसे हर समुदाय और हर धर्म की महिला के अधिकारों की बात करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के सामाजिक सुधार के तरीके को चुनिंदा बताते हुए पार्टी से समान रूप से सभी महिलाओं के मुद्दे उठाने की मांग की।
दरअसल, राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्रता और पितृसत्तात्मक व्यवस्था को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी थी। राहुल ने करीब एक घंटा 16 मिनट तक महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से कहा कि महिलाओं की पहचान उनके पिता, पति या बेटे के नाम से नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनकी अपनी स्वतंत्र पहचान होनी चाहिए।राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मनुस्मृति का भी जिक्र किया। उन्होंने महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के खिलाफ अलग-अलग रूपों में हिंसा होती है और इसे खत्म करने के लिए महिलाओं को समान अधिकार और स्वतंत्रता मिलनी जरूरी है।
राहुल ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को तीन प्रमुख रूपों में बताया। उनके मुताबिक पहली हिंसा लड़की के जन्म के समय ही हत्या के रूप में होती है। दूसरी शारीरिक अत्याचार है, जबकि तीसरी आर्थिक बंदिशों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा हासिल करने, नौकरी करने, संपत्ति रखने और अपने जीवन से जुड़े फैसले खुद लेने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।राहुल गांधी ने छात्राओं से कहा कि उन्हें किसी तरह के डर में रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने महिलाओं से अपनी आवाज बुलंद करने और अपने अधिकारों के लिए खुद खड़े होने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पांच छात्राओं से बातचीत भी की और उनके विचार तथा अनुभव सुने।
राहुल के इस बयान के बाद अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि पार्टी महिलाओं की आजादी और अधिकारों की बात करती है, तो उसे सभी समुदायों की महिलाओं की समस्याओं पर समान रूप से आवाज उठानी चाहिए।इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। एक ओर कांग्रेस महिलाओं की स्वतंत्रता और समान अधिकारों के मुद्दे को प्रमुखता दे रही है, वहीं भाजपा राहुल गांधी के बयानों को लेकर कांग्रेस के सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण पर सवाल उठा रही है।