उत्तर कोरिया: किम जोंग उन अपनी सेना को बनाना चाहते हैं सबसे ताकतवर, सैन्य कमांडरों को दिए निर्देश
सोल, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश की सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने पर जोर दिया है। प्योंगयांग में सैन्य कमांडरों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने सैन्य इकाइयों की युद्धक क्षमता और अनुशासन बढ़ाने के साथ ही सैनिकों की वैचारिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने पर जोर दिया।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से समाचार एजेंसी योनहाप ने बताया कि किम ने 22 और 23 अक्टूबर को आयोजित कोरियाई पीपुल्स आर्मी के कंपनी कमांडरों के तीसरे सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा, "मजबूत सैन्य इकाइयों के निर्माण के जरिए सबसे ताकतवर सेना तैयार करना और उत्तर कोरिया की अपनी शैली में सैन्य बदलाव को गति देना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है।"
किम ने कंपनी कमांडरों से सेना की पार्टी और विचारधारा के प्रति निष्ठा बनाए रखने तथा अपनी इकाइयों को अधिक सक्षम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "सेना की प्रत्येक कंपनी को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि वह विभिन्न सैन्य अभियानों को स्वतंत्र रूप से और प्रभावी ढंग से अंजाम दे सके।"
उत्तर कोरिया की सैन्य संरचना में कंपनी एक बुनियादी लड़ाकू इकाई मानी जाती है। किम ने इन इकाइयों की युद्धक क्षमता और संगठनात्मक दक्षता में सुधार को सेना के व्यापक आधुनिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में कंपनी स्तर पर अनुशासन, सैन्य प्रशिक्षण और सैनिकों के जीवन की स्थितियों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
सम्मेलन में उत्तर कोरिया के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए। इनमें सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग चोन, रक्षा मंत्री किम सोंग गी और कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ प्रमुख री योंग गिल शामिल थे। सैन्य और राजनीतिक संगठनों के कमांडरों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
केसीएनए के मुताबिक, यह फरवरी में वर्कर्स पार्टी की नौवीं कांग्रेस के बाद पूरी सेना के स्तर पर आयोजित पहला ऐसा सम्मेलन था। बैठक के दौरान सैन्य कमांडरों के अनुभवों को दर्शाने वाले वीडियो भी दिखाए गए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
किम का यह संबोधन उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमता मजबूत करने की व्यापक नीति के बीच आया है। इस साल फरवरी में पार्टी की नौवीं कांग्रेस के दौरान भी उन्होंने पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और परमाणु हथियारों तथा मिसाइल कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
इस बीच, किम के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बाद उनकी सार्वजनिक उपस्थिति भी चर्चा में रही। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने शुक्रवार को सांसदों को जानकारी दी थी कि किम की मौत से जुड़ी अटकलों का कोई आधार नहीं है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने शनिवार को सैन्य सम्मेलन की तस्वीरें जारी कर उनके बैठक की अध्यक्षता करने की जानकारी दी।
--आईएएनएस
केआर/