×

राज्यसभा में पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान खड़गे के 'मनुस्मृति' बयान पर हंगामा, वीडियो में जाने नड्डा ने जताई आपत्ति

 

राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान को लेकर जमकर हंगामा हुआ। खड़गे ने शैक्षणिक संस्थानों में कथित तौर पर आरएसएस के प्रभाव को लेकर अपनी बात रखते हुए 'मनुस्मृति' का जिक्र किया, जिस पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।

दरअसल, खड़गे परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा संस्थानों की स्थिति पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में मनुस्मृति को मानने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनुस्मृति की सोच के कारण शूद्रों को पढ़ाई के अधिकार से वंचित किया गया था। उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/r_4qPkjd3M0?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/r_4qPkjd3M0/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

खड़गे के बयान पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह बयान तथ्यों पर आधारित नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है। नड्डा ने कहा कि इस तरह के बयान सदन की गरिमा और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।मामला बढ़ता देख राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि खड़गे के 'मनुस्मृति' से जुड़े बयान को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। सभापति ने सदन में शांति बनाए रखने की अपील की और चर्चा को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

यह पूरा विवाद उस समय हुआ जब राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा चल रही थी। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल पेश किया।इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी और सरकारी परीक्षाओं में होने वाली धांधली, पेपर लीक और अनुचित तरीकों पर रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रावधान जरूरी हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले लोकसभा में भी इस बिल पर करीब 7 घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई थी। चर्चा के बाद लोकसभा ने पेपर लीक से जुड़े इस विधेयक को पारित कर दिया था। अब राज्यसभा में इस पर बहस जारी है।सरकार जहां इस बिल को परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने भी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और युवाओं के हितों से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं। हालांकि, चर्चा के दौरान खड़गे के बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया और सदन में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।