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खरगे ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग की मांग उठाई: वीडियो में जाने खड़गे के आवास पर मॉक संसद, मीरा कुमार ने की अध्यक्षता

 

दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शनिवार को इंडिया ब्लॉक की ओर से मॉक संसद और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक जन महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन के कई दलों के नेता शामिल हुए।

खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने, चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया रोकने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की अनुमति के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किया गया और जानबूझकर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए।

खरगे बोले- पीएम मोदी और अमित शाह ने दिया कानूनी संरक्षण

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कार्यक्रम में खरगे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को दिसंबर 2023 में लाए गए कानून के जरिए कानूनी संरक्षण दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कानून के माध्यम से उन्हें कानूनी संरक्षण दिया है। खरगे ने इसे संविधान के खिलाफ बताते हुए ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की।खरगे ने कहा कि इंडिया ब्लॉक देश की करीब 60 प्रतिशत जनता के प्रतिनिधि के तौर पर यह मांग कर रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के साथ उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई। उनके आरोपों को विपक्ष की राजनीतिक मांग और कार्यक्रम में लगाए गए आरोपों के तौर पर देखा जाना चाहिए।

SIR और वोटर लिस्ट में बदलाव पर उठाए सवाल

विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।विपक्ष इस मुद्दे पर पहले भी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर चुका है। इंडिया ब्लॉक की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर संसद में भी नोटिस दिए जाने की बात कही गई है।

क्या होता है जन महाभियोग?

जन महाभियोग एक प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम है, जिसमें जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपनी आपत्ति और मांग सार्वजनिक रूप से रखते हैं। यह संसद में होने वाली वास्तविक महाभियोग या पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया नहीं है। खरगे के आवास पर आयोजित कार्यक्रम को विपक्ष ने मॉक संसद का स्वरूप दिया, ताकि संसद की कार्यवाही की तर्ज पर अपनी मांगें और आरोप रखे जा सकें।इस कार्यक्रम के जरिए इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं, इस आयोजन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।