खड़गे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ पर झारखंड कांग्रेस ने एफआईआर के लिए दी लिखित शिकायत
रांची, 11 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित तौर पर सभा स्थल का ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग ने रांची के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी है।
विभाग के अध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रशांत किशोर ने अपनी शिकायत में कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। सभा के बाद उसी स्थान पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ या हवन कराया गया और गंगाजल का छिड़काव किया गया।
उन्होंने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार और वीडियो सामग्री का हवाला देते हुए कहा कि यह आयोजन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े लोगों द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की जातिगत पहचान के कारण उसके कार्यक्रम के बाद किसी सार्वजनिक स्थान को ‘शुद्ध’ करने की जरूरत बताई जाती है तो यह केवल उस व्यक्ति के अपमान का मामला नहीं है, बल्कि अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि संविधान जाति के आधार पर भेदभाव और अस्पृश्यता को समाप्त करता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके स्पर्श अथवा उपस्थिति को अपवित्र मानने वाली सोच स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रशांत किशोर ने कहा कि खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ अनुसूचित जाति समाज के प्रमुख प्रतिनिधि भी हैं। उनके कार्यक्रम के बाद कथित रूप से सभा स्थल का शुद्धिकरण किया जाना अनुसूचित जाति समाज के लिए अपमानजनक और पीड़ादायक है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में भी इस घटना को लेकर समाज के लोगों में नाराजगी है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि कथित शुद्धिकरण जातिगत भेदभाव के उद्देश्य से किया गया था तो मामला गंभीर कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह मामला केवल किसी एक व्यक्ति के सम्मान का नहीं, बल्कि समानता, सामाजिक सम्मान और संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा से जुड़ा है। उन्होंने जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता को बढ़ावा देने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
--आईएएनएस
एसएनसी/डीकेपी