खड़गे का चुनाव आयोग पर हमला, वीडियो में बोले- निष्पक्ष चुनाव के संरक्षक की जगह ‘सेव बीजेपी चेयर कमीशन’ की तरह कर रहा काम
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनावों के संरक्षक की भूमिका निभा के बजाय बीजेपी के पक्ष में काम करता नजर आ रहा है। खड़गे ने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए इन मुद्दों पर चर्चा जरूरी है।मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ के जरिए भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश कर ही है। उन्होंने कहा कि यह साजिश अब सामने आ रही है और देश के लोग वोटों की चोरी के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं।
‘जहां फायदा, वहां मतदाता जोड़े जाते हैं’
खड़गे ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि जहां बीजेपी को राजनीतिक फायदा मिलता है, वहां मतदाताओं को जोड़ा जाता है और जहां नुकसान की संभावना होती है, वहां वोटों को बांटने या मतदाता सूची में बदलाव की कोशिश की जाती है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो। कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्था को सभी राजनीतिक दलों के लिए समान व्यवहार करना चाहिए।
महाराष्ट्र के मतदाता आंकड़ों का उठाया मुद्दा
खड़गे ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच राज्य में अचानक 39 लाख मतदाताओं की संख्या बढ़ गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के जुड़ने की वजह क्या थी और इसकी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी थी।इसके अलावा उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची का भी जिक्र किया। खड़गे ने दावा किया कि इस सूची से 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम बाहर हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनावों के दौरान बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए इन मतदाताओं के नाम हटाए गए?
बीजेपी पर लगाए लोकतंत्र कमजोर करने के आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वोटों से जुड़ी अनियमितताओं के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब इन मुद्दों को समझ रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठा रही है।खड़गे के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाती रही है, जबकि बीजेपी और चुनाव आयोग पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, जबकि बीजेपी का दावा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के अनुसार संचालित होती है।अब खड़गे के ताजा आरोपों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस आने वाले दिनों में इसे बड़े मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी कर रही है।