शांति, स्वच्छता और सद्भाव का संदेश : खंडवा के काजी सैयद निसार अली की बकरीद पर अपील
खंडवा, 27 मई (आईएएनएस)। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन अवसर पर खंडवा शहर के काजी सैयद निसार अली ने मुसलमानों से त्योहार शांति, सौहार्द और पूरी साफ-सफाई के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कुर्बानी के महत्व को विस्तार से समझाया, गाय की कुर्बानी का स्पष्ट विरोध किया और सड़क पर नमाज को लेकर उठ रही चिंताओं पर संतुलित रुख अपनाते हुए सद्भाव बनाए रखने की बात कही।
काजी सैयद निसार अली ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, "ईद-उल-अजहा 28 मई को पूरे भारत समेत दुनिया भर में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। ईद-उल-अजहा के दौरान मुस्लिम अल्लाह की रजा पाने के लिए कुर्बानी देते हैं और उनके प्रति अपना प्रेम व श्रद्धा व्यक्त करते हैं। इस्लाम में हर साहिब-ए-निसाब मुसलमान के लिए कुर्बानी जरूरी मानी गई है। यह अल्लाह के प्रति आस्था, श्रद्धा और आज्ञाकारिता का प्रतीक है।"
उन्होंने धार्मिक महत्व समझाते हुए कहा, "अल्लाह अपने बंदों का हर वक्त इम्तिहान लेता रहता है। अल्लाह ने हजरत इब्राहिम को ख्वाब में अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। जब हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल को कुर्बानी के लिए ले गए, तो अल्लाह उनकी इस नीयत और समर्पण से बेहद खुश हुए। उन्होंने बेटे को सूली के नीचे से हटा दिया था।"
काजी सैयद ने जोर देकर कहा कि कुर्बानी केवल पशु की नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं और नफ्स की कुर्बानी का भी प्रतीक है।
गाय की कुर्बानी पर उन्होंने स्पष्ट कहा, "हम हिंदुस्तान में रहते हैं। कुछ मजहबों में गाय पूजनीय मानी जाती है। मैं समझता हूं कि पूरे हिंदुस्तान में यह आवाज उठ रही है और मुसलमान भी आगे आकर मांग कर रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। जो लोग बाजार में गाय बेच रहे हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। हम भी इस मांग का समर्थन करते हैं।"
सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर उठ रही आपत्तियों पर काजी ने कहा, "हमारे देश में नमाज आमतौर पर मस्जिद और ईदगाह में अदा की जाती है। जगह की कमी होने पर सड़क को साफ करके नमाज अदा की जाती है। इससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बहुत से त्योहार सड़कों पर मनाए जाते हैं। हमें किसी के त्योहार पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए।"
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मुसलमानों के चार त्योहार भारत में राजपत्रित अवकाश की श्रेणी में आते हैं और संविधान सभी को अपने त्योहार आजादी से मनाने की अनुमति देता है।
काजी साहब ने बकरीद को लेकर महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा, "सोशल मीडिया पर कुर्बानी की कोई वीडियो या फोटो वायरल न करें। साफ-सफाई के साथ कुर्बानी करें। पूरी व्यवस्था और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाएं, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।"
--आईएएनएस
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