भारत और लाइबेरिया ने खाड़ी और काला सागर में जहाजों पर हमलों की निंदा की, तुरंत रोकने की अपील
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। खाड़ी क्षेत्र के आस-पास और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों की भारत और लाइबेरिया ने कड़ी निंदा की। 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स' (जीओएफ ऑन एस4) के सह-अध्यक्ष के तौर पर भारत और लाइबेरिया ने समुद्री व्यापार को बाधित करने वाले इन हमलों तुरंत बंद करने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क में भारत के स्थायी मिशन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा, ''भारत और लाइबेरिया, 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स' (जीओएफ ऑन एस4) के सह-अध्यक्ष होने के नाते, जहाजों और नाविकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।''
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क में भारत के स्थायी मिशन ने अपने पोस्ट में लिखा, ''भारत और लाइबेरिया, जो ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स (जीओएफ ऑन एस4) के सह-अध्यक्ष हैं, खाड़ी क्षेत्र और उसके आसपास तथा काला सागर में पिछले कुछ दिनों के दौरान वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हुए लगातार अस्वीकार्य हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। समुद्री व्यापार को बाधित करने वाले और निर्दोष लोगों की जान लेने वाले ऐसे हमलों का किसी भी तरह से बचाव नहीं किया जा सकता। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता के हित में इन हमलों को तुरंत बंद करने की अपील करते हैं।''
पोस्ट में आगे लिखा गया, ''जिन नाविकों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। साथ ही, घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत और लाइबेरिया ने 25 सितंबर 2026 को जीओएफ ऑन एस4 की शुरुआत की थी। दोनों देश ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति रोकने और नाविकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपसी सहयोग और बेहतर समन्वय बढ़ाने के लिए तैयार हैं।''
इससे पहले बुधवार को भी विदेश मंत्रालय (एमईए) की पाक्षिक प्रेस वार्ता में भारत ने इन हमलों को लेकर चिंंता जाहिर की थी।
एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, "भारत ने मंगलवार से बुधवार के बीच देखा कि चार वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हुए। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। वाणिज्यिक नौ परिवहन और नाविक समुदाय को खतरे के दायरे में लाया जा रहा है।"
जायसवाल ने कहा, "पहला जहाज एमवी रायोद मम्मदोव पर ब्लैक सी में हमला हुआ, जिसमें तीन भारतीय नागरिक थे। उसमें से एक भारतीय नागरिक को चोट पहुंची। रोमानिया स्थित दूतावास उनके संपर्क में है। अधिकारी उनके कल्याण और देखभाल का पूरा ख्याल रख रहे हैं।"
उन्होंने एक ही दिन में दूसरे जहाज पर हुए अटैक का जिक्र करते हुए बताया, "दूसरा जहाज टोगो फ्लैग वाला अल्फावतन है। इस पर मंगलवार को हमला हुआ। वहीं तीसरा हमला एमबी केबल पर हुआ। पलाऊ देश के ध्वज वाले इस जहाज पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद बुल्गारियाई नौका ने इसके सभी 18 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। 18 में से 7 भारतीय हैं, और इनमें से भी एक को चोट आई है जिसका इलाज चल रहा है। हमारा दूतावास उनके संपर्क में है। हम बुल्गारिया को इसके लिए धन्यवाद देते हैं।"
एमईए प्रवक्ता के अनुसार, चौथा शिप लाइबेरिया अफ्रामैक्स रियो था, जिसके सभी सदस्यों को बचा लिया गया। यह ऑयल टैंकर था। इसमें 23 भारतीय नागरिक सवार थे, सबको सुरक्षित बचा लिया गया है। एक घायल भारतीय नागरिक का उपचार चल रहा है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम