केजीएमयू में मांसाहारी खाने पर बैन का सपा ने किया विरोध, प्रवक्ता आशुतोष वर्मा बोले-'यह दकियानूसी फैसला'
लखनऊ, 15 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) ने लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाए जाने का विरोध किया है। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि यह बिल्कुल गलत सोच है और समाजवादी पार्टी इसका विरोध करती है।
आशुतोष वर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि देश के एपेक्स इंस्टीट्यूट में केजीएमसी और केजीएमयू आता है। जहां पर वर्ल्ड का सबसे अच्छा ब्रेन आता है और उस ब्रेन में इतना दकियानूसी सर्कुलर, मैं इसका विरोध करता हूं। समाजवादी पार्टी इसका विरोध करती है।"
सपा प्रवक्ता ने कहा, "राज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि मेस की हाइजीनिक कंडीशन खराब है। इसका मतलब यह कतई नहीं होता है कि वहां पर मांसाहार बनाया न जाए या शाकाहार बनाया जाए। लेकिन नेताओं की चाटुकारिता में लगे हुए अफसर और केजीएमसी के कर्मचारी ये तक भूल गए कि वहां सर्वधर्म के सब लोग आते हैं, जो शाकाहारी और मांसाहारी सब खाते हैं। मांसाहार प्रोटीन का बड़ा सोर्स भी होता है।"
उन्होंने कहा, "आप यह भी कहते हैं नॉन-वेज बना नहीं सकते हैं, लेकिन मंगा सकते हैं। इससे यह दिखता है कि वे अपने सर्कुलर में अपना ही विरोध कर रहे हैं। यह बिल्कुल गलत सोच है और समाजवादी पार्टी इसका विरोध भी करती है।"
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने राम मंदिर के चढ़ावा विवाद को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पहले 15 सदस्यीय राम जन्मभूमि ट्रस्ट बना था, जिसमें अलग-अलग लोगों को रखना चाहिए था। लेकिन केंद्र सरकार ने उन 15 में से 12 लोगों को खुद नॉमिनेट कर दिया। तो जब आप अपने हिसाब से पूरा का पूरा ये बना रहे हैं, उसके बावजूद ये काम होना खतरनाक है। मुझे लगता है ये सिर्फ दिखावे की बात है। सीईओ को नॉमिनेट करने से कोई मतलब नहीं होता, जब तक चोर न पकड़ा जाए और चोरी की वजह न पकड़ी जाए।
उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक को लेकर कहा, "अभी तक बहुत बड़े-बड़े सवाल अनुत्तरित हैं और आज भी, जब हम देख रहे हैं डेढ़ महीने बाद इतनी बड़ी चंदा चोरी पर बात कर चुके हैं। पूरा देश जान चुका है। उसके बावजूद भी चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर तक नहीं हुई है। इसका मतलब, आप इसको बहुत हल्के में ले रहे हैं और देश के लोगों की जो भावनाएं हैं, उसकी कोई भी कदर आप नहीं करना चाहते हैं। "
इसी बीच, उन्होंने भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर कहा, "मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक निर्णय लिया है। अभी इसके बारे में विचार किया जाएगा। जब तक उसके बारे में पूरी तरीके से विचार न किया जाए, इस पर टिप्पणी करना भी ठीक नहीं है।"
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने अमेरिका-ईरान संघर्ष पर कहा, "बड़ा अफसोस है कि एक अच्छी संधि-समझौता होने के बाद भी आज दोनों देशों के बीच में फिर से लड़ाई शुरू हो गई है। मुझे लगता है कि अब इसमें मध्यस्थता और लोगों को भी आनी चाहिए। क्योंकि हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से मध्यपूर्व एशिया और पूरा साउथ ईस्ट एशिया प्रभावित है। कहीं न कहीं भारत की 140 करोड़ की जनसंख्या पर सीधा प्रहार होता है।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये वो समय आ गया है जब भारत को इसमें मजबूत मध्यस्थता भी करनी चाहिए। हम भारत सरकार के साथ इस विदेश नीति में उनके साथ खड़े हैं और हम उम्मीद करते हैं कि ये जल्दी से जल्दी एक संघर्ष खत्म हो और ये ऊर्जा संकट इस देश में व मध्यपूर्व एशिया में खत्म हो जाए।"
--आईएएनएस
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