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केरल के श्रीनिवासन हत्याकांड में एनआईए को बड़ी सफलता, सऊदी अरब से लौटते ही पीएफआई सदस्य गिरफ्तार

 

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के चर्चित श्रीनिवासन हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मुहम्मदअली के.पी., जो पीएफआई का पलक्कड़ जिला अध्यक्ष था, को गुरुवार सुबह सऊदी अरब के रियाद से भारत लौटने पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया।

एनआईए के मुताबिक, मुहम्मदअली पिछले चार वर्षों से सऊदी अरब में छिपा हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है।

जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक 65 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। मुहम्मदअली के.पी. के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।

एनआईए के अनुसार, केरल के पलक्कड़ जिले का रहने वाला मुहम्मदअली श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रचने वालों में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। जांच में सामने आया कि उसने 16 अप्रैल 2022 को हुई इस हत्या में शामिल हमलावरों को शरण भी दी थी।

उसकी गिरफ्तारी के लिए एनआईए ने तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। साथ ही उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।

एनआईए के अनुसार, श्रीनिवासन की हत्या प्रतिबंधित पीएफआई की उस व्यापक साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य देश में आतंक का माहौल पैदा करना और वर्ष 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करना था।

एजेंसी ने सितंबर 2022 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी देश में हिंसक उग्रवाद और जिहाद के जरिए सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की साजिश रच रहे थे।

एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि पीएफआई अपने विभिन्न विंग और इकाइयों के माध्यम से इस कथित साजिश को अंजाम दे रहा था। संगठन अपने कार्यालयों, परिसरों और अन्य बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल चुनिंदा सदस्यों को शारीरिक शिक्षा, योग प्रशिक्षण आदि की आड़ में हथियारों का प्रशिक्षण देने के लिए करता था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, पीएफआई का 'रिपोर्टर्स विंग' संभावित लक्ष्यों की जानकारी जुटाने का काम करता था, जबकि 'सर्विस टीम' कथित तौर पर हिंसक वारदातों को अंजाम देती थी। एनआईए ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है।

--आईएएनएस

डीएससी