केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
तिरुवनन्तपुरम, 25 जनवरी (आईएएनएस)। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर केरल की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी हैं।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस संविधान को अपनाने और न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के उन चिरस्थायी मूल्यों की स्मृति है जो राष्ट्र को एकजुट रखते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनमें डॉ. बीआर अंबेडकर प्रमुख थे, जिनकी दूरदृष्टि ने विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी।
राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुधार और मानव विकास के क्षेत्रों में राष्ट्र के प्रति केरल के महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व व्यक्त किया और राज्य की पहचान बन चुके सद्भाव, समावेशिता और लोकतांत्रिक भागीदारी की भावना की सराहना की।
उन्होंने नागरिकों से संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का आह्वान करते हुए समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं से, 2047 तक एक समृद्ध, समावेशी और विकसित भारत के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आग्रह किया। जय हिंद! जय केरल! वंदे मातरम!
देश 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने जा रहा है। इस मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर शानदार परेड होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगी और इस बार यूरोपीय यूनियन के दो बड़े नेता एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे।
इस साल का गणतंत्र दिवस समारोह इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल, देश की तरक्की, स्वदेशी सैन्य उपकरण, सेना की ताकत, भारत की संस्कृति और आम लोगों की भागीदारी सब कुछ एक साथ देखने को मिलेगा। गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की शुरुआत 26 जनवरी सुबह 10.30 बजे से होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। उसके बाद वे कर्तव्य पथ पर परेड देखेंगे। राष्ट्रपति और विदेशी मेहमान पारंपरिक बग्घी में आएंगे। फिर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान होगा।
--आईएएनएस
एमएस/