केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस और इडी गठबंधन के नेता का बयान शर्मनाकः नीरज कुमार
पटना, 29 जुलाई (आईएएनएश)। पेपर लीक बिल, नीट पेपर लीक चार्जशीट, राहुल गांधी की टिप्पणियों और अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों पर जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रतिक्रियाएं दी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर जेडीयू एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "लोग राजनीति को किस दिशा में ले जा रहे हैं? क्या बिना किसी आधार के ऐसे बयान दिए जा सकते हैं? इसका क्या सबूत है? क्या कोई दस्तावेजी सबूत है? अगर कांग्रेस पार्टी या इंडी गठबंधन का कोई नेता ऐसे बयान देता है, तो यह लोकतंत्र के लिए शर्म की बात है।"
नीट पेपर लीक मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने पर नीरज कुमार ने कहा, "केंद्र सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने नीट परीक्षा मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी और अब यह प्रक्रिया चार्जशीट दाखिल करने के चरण तक पहुंच गई है। साथ ही, नए बिल भी लाए जा रहे हैं। इससे उन लोगों पर कड़े कानूनों का असर दिखता है, जो शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी फैलाने और छात्रों के भविष्य व योग्यता के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करते हैं। अब जब चार्जशीट दाखिल हो गई है, तो कानून के तहत सजा मिलने पर ऐसे अपराधियों को अंजाम भुगतना होगा और जेल में रहना होगा।"
संसद में पेपर लीक पर चर्चा को लेकर नीरज कुमार ने कहा, "पेपर लीक के मुद्दे पर जब विपक्ष ने चर्चा का समय बढ़ाने की मांग की, तो सत्ता पक्ष ने इसे मान लिया। इसमें कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि पेपर लीक को रोकना प्राथमिकता है। इसके लिए इंफोसिस के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है और हमें उम्मीद है कि विपक्ष रचनात्मक सुझाव देगा। अगर राहुल गांधी आलोचना करना चाहते हैं, तो हम उम्मीद करते हैं कि वह अशोक गहलोत सरकार की नाकामियों की जिम्मेदारी भी लेंगे, जहां कथित तौर पर 15 परीक्षा के पेपर लीक हुए थे।"
प्रियांक खड़गे के बयान पर नीरज कुमार ने कहा, "इतिहास को बेवजह खंगालने की जरूरत नहीं है, समझने की जरूरत है। सुभाष चंद्र बोस के योगदान से कोई इनकार नहीं कर सकता। महात्मा गांधी, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस की भूमिकाएं अहम थीं, उनके तरीके अलग-अलग और कभी-कभी एक-दूसरे से बिल्कुल उलट भी हो सकते थे, लेकिन उनका मकसद एक ही था, देश की आज़ादी। इसलिए, हमें इतिहास से सीखना चाहिए, तथ्यों को जानना चाहिए और हालात को समझना चाहिए, न कि बेवजह कमियाँ निकालनी चाहिए या विवाद खड़ा करना चाहिए।"
भोपाल में किसानों के प्रदर्शन बेरिकेडिंग तोड़कर सीएम हाउस की तरफ जाने की कोशिश पर नीरज कुमार ने कहा, "लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। हालांकि, जब किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में सभी पार्टियों की सहमति से किसी खास इलाके को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाता है, तो सभी को उन प्रतिबंधों का पालन करना चाहिए, चाहे वह कोई सार्वजनिक संगठन हो या राजनीतिक पार्टी।"
नीरज कुमार ने कहा, "कावेरी जल विवाद देश के बड़े विवादों में से एक रहा है, जिसमें कर्नाटक और तमिलनाडु, दो राज्य शामिल हैं। यह कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। हालांकि, राज्य के हित में संबंधित सरकार को अपने तर्क तार्किक ढंग से रखने चाहिए। अगर कोई राज्य तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपना पक्ष रखता है, तो कोई भी दूसरे को उसके उचित हिस्से से वंचित नहीं कर सकता, क्योंकि भारत एक संघीय ढांचे का पालन करता है। अब, अगर भारतीय जनता पार्टी ने तथ्यों के आधार पर यह कहा है कि कर्नाटक सरकार ने कावेरी जल मुद्दे पर अपना पक्ष ठीक से नहीं रखा, तो यह उनके राजनीतिक तर्क का मामला मामला है।"
--आईएएनएस
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