केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 'पेपर लीक विरोधी बिल' पर विपक्षी नेताओं से संसद में चर्चा की अपील की
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन में चर्चा की अपील की है।
किरेन रिजिजू ने कहा, "आज, देश भर के विद्यार्थियों की चिंताओं को देखते हुए, पेपर लीक जैसे मुद्दों पर बात करने के लिए लोकसभा में एक जरूरी बिल पेश किया जा रहा है। लेकिन, कांग्रेस पार्टी और कुछ विपक्षी सदस्यों की ओर से चर्चा करने से मना किया जा रहा है। उनकी ओर से नारेबाजी और हंगामा किया जा रहा है। मेरी उनसे अपील है कि वे प्रधानमंत्री की ओर से लिए गए जरूरी फैसले पर विचार करें।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं, एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक क्रांतिकारी बिल पेश किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई लीक न हो। पेपर लीक में शामिल किसी भी व्यक्ति को कड़ी और समय पर सजा देने का प्रावधान किया गया है। अगर इन सभी उपायों के बाद भी चर्चा की इजाजत नहीं दी जाती है, तो इससे गलत मैसेज जाएगा।"
किरेन रिजिजू ने आगे कहा, "मैं एक बार फिर कांग्रेस पार्टी से देश और विद्यार्थियों की भावनाओं को समझने की अपील करता हूं। हम इन मुद्दों पर पार्लियामेंट में नहीं तो और कहां बहस और चर्चा कर सकते हैं? मैं कांग्रेस पार्टी और विपक्ष में हमारे साथियों से फिर अपील करता हूं। हम विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एक जरूरी बिल ला रहे हैं। हंगामा करने के बजाय, हमें विद्यार्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए संसद में पूरी और खुली बहस करनी चाहिए।"
बता दें कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश कर दिया है।
--आईएएनएस
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