केंद्रीय खेल मंत्री ने शारीरिक शिक्षा शिक्षकों का एक व्यापक डेटाबेस बनाने का आह्वान किया
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को शारीरिक शिक्षा पेशेवरों के मॉड्यूल का शुभारंभ किया और जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और पोषण में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
केंद्रीय खेल मंत्री ने जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक प्रतिभा की पहचान और व्यवस्थित विकास को मजबूत करने के लिए एक समयबद्ध ढांचे के भीतर शारीरिक शिक्षा (पीई) शिक्षकों का एक व्यापक, राष्ट्रव्यापी डेटाबेस बनाने का आह्वान किया।
डॉ. मंडाविया ने राष्ट्रीय खेल भंडार प्रणाली (एनएसआरएस) पर शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के पंजीकरण और ऑनबोर्डिंग मॉड्यूल का शुभारंभ करने के बाद कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में शारीरिक शिक्षा के शिक्षक बच्चों और युवाओं में खेल प्रतिभा को पहचानने वाले पहले लोगों में से होते हैं। उनकी योग्यता, कौशल और विशेषज्ञता का आकलन करना महत्वपूर्ण है ताकि उनका प्रभावी उपयोग और आगे विकास हो सके।
उन्होंने आगे कहा कि देशव्यापी प्रतिभा पहचान अभियान को जमीनी स्तर से शुरू करते हुए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। कई युवाओं में उचित मार्गदर्शन मिलने पर अच्छे एथलीट बनने की शारीरिक क्षमता और योग्यता हो सकती है।
खेल विज्ञान के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा कि खेल विज्ञान प्रतिभा की पहचान और पोषण से लेकर कुलीन एथलीटों के प्रशिक्षण तक, खेल के सभी क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने आगे कहा कि इसलिए प्रतिभा की पहचान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण की शुरुआत जमीनी स्तर से होनी चाहिए।
इस पहल को मिशन मोड में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. मांडविया ने जिला स्तर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ अभियान चलाने के साथ-साथ जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकरण और एक संरचित डेटाबेस बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह का डेटाबेस शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की क्षमताओं और विशेषज्ञताओं का मानचित्रण करने में मदद करेगा और विशेष प्रतिभा वाले लोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करने के अवसर प्रदान करेगा।
केंद्रीय खेल मंत्री ने निर्देश दिया कि संपूर्ण डेटाबेस छह महीने के भीतर तैयार किया जाए और कहा कि इसकी प्रगति की समयबद्ध समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल को केवल एक मॉड्यूल के शुभारंभ के रूप में नहीं, बल्कि देश में खेलों के विकास के एक मिशन के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
शारीरिक शिक्षा पेशेवरों के मॉड्यूल को राष्ट्रीय खेल भंडार प्रणाली (एनएसआरएस) के तहत शुरू किया गया है, जो भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े हितधारकों के एकीकृत भंडार को बनाए रखने के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है।
इस शुभारंभ कार्यक्रम में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई), लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय (एलएनसीपीई), भारतीय शारीरिक शिक्षा फाउंडेशन (पीईएफआई) के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।
--आईएएनएस
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