केंद्र का बड़ा फैसला, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल बढ़ा
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र की मोदी सरकार ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल और बढ़ाकर 31 अक्टूबर, 2027 तक कर दिया है। शनिवार को लिया गया यह फैसला उनके दो साल के निर्धारित कार्यकाल के 31 अक्टूबर को पूरा होने से एक सप्ताह पहले आया है।
केरल कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी सिंह को रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देने और भारत को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में सुधारों को आगे बढ़ाने के उनके कार्यों के कारण एक साल का अभूतपूर्व विस्तार दिया गया है।
शांत स्वभाव के लेकिन दृढ़ निश्चयी सिंह ने रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ को त्वरित निर्णय लेने और पारंपरिक मिसाइल निर्माण को निजी क्षेत्र के लिए खोलने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने 1 नवंबर, 2024 को गिरिधर अरमाने के स्थान पर 40वें रक्षा सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। जब उन्हें अगस्त 2024 में इस पद पर नियुक्त किया गया था, तो उनकी सेवा अवधि सेवानिवृत्ति के बाद भी इस वर्ष अक्टूबर के अंत तक बढ़ा दी गई थी।
इस साल 31 मई से सिंह रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) के मई के आदेश ने उन्हें यह प्रभार तब दिया जब समीर वी कामत का कार्यकाल पूरा हो गया। कामत 25 अगस्त, 2022 से डीआरडीओ के प्रमुख थे। यह व्यवस्था तब तक लागू थी जब तक किसी नियमित प्रमुख की नियुक्ति नहीं हो जाती या अगले आदेश तक। तब से किसी नियमित डीआरडीओ प्रमुख की नियुक्ति नहीं हुई है।
वर्तमान सरकार में सिंह के पूर्ववर्तियों में अजय कुमार और गिरिधर अरमाने सेवानिवृत्ति पर पद से हट गए। आरके माथुर और जी मोहन कुमार ने अपनी सामान्य सेवानिवृत्ति आयु से आगे बढ़कर दो साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा किया। संजय मित्रा को 2019 में उनके दो साल के कार्यकाल के बाद तीन महीने का विस्तार मिला। किसी को भी इतने लंबे समय तक पद पर नहीं रखा गया जितना सिंह को रखा जाएगा।
--आईएएनएस
एमएस/