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काठमांडू में 2 मई को भारत-नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति की होगी बैठक

 

पटना, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार सरकार की पहल पर आगामी 2 मई को काठमांडू में भारत–नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (जेसीकेजीपी) की 11वीं बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कोसी और गंडक परियोजनाओं से संबंधित द्विपक्षीय विषयों के समाधान, बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था तथा परियोजनाओं के प्रभावी संचालन पर चर्चा की जाएगी।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, इस बैठक में भारत-नेपाल से होकर बहने वाली नदियों में संभावित बाढ़ को देखते हुए जेसीकेजीपी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भारत एवं नेपाल के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही कोसी परियोजना अंतर्गत परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा, अवसंरचना के रख-रखाव, निर्माण सामग्री पर स्थानीय कर, कोसी बैराज के दोनों ओर तटबंधों के कटाव, पश्चिमी मुख्य नहर के गेट संचालन, नेपाल क्षेत्र में सेवा पथ रख-रखाव, अतिक्रमण हटाने, परियोजना कर्मियों की सुरक्षा तथा कोसी टप्पू वन्यजीव क्षेत्र से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

वहीं गंडक परियोजना से जुड़े मुद्दों में अधिग्रहित भूमि पर कब्जा, जल निकासी अवरोध से कृषि भूमि में जलजमाव, नहरों में निर्धारित जलस्तर एवं डिस्चार्ज बनाए रखना, बाढ़ सुरक्षा एवं कटाव निरोधक कार्य, सेवा पथों का अनुरक्षण तथा सिल्टयुक्त जल प्रवाह नियंत्रण, सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल सहित सभी संबंधित अधिकारी, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी शामिल होंगे।

विभाग ने कहा कि मानसून के दौरान बिहार द्वारा संचालित फ्लड फोरकास्टिंग मॉडल के लिए नेपाल क्षेत्र के वर्षा और जलस्तर संबंधी आंकड़ों को एपीआई के माध्यम से साझा करने पर भी चर्चा होगी। उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के निर्देश पर विभाग के प्रधान सचिव संतोष मल, अभियंता प्रमुखों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में हिस्सा लेने की उम्मीद है।

वहीं, भारत सरकार की ओर से जल शक्ति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। विभाग ने कहा कि बिहार सरकार सीमावर्ती नदियों के समुचित प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और भारत-नेपाल समन्वय को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बैठक से लंबित मुद्दों के समाधान और भविष्य की कार्ययोजना तय होने की संभावना है।

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी