बंगाल चुनाव: कस्बा सीट पर टीएमसी की लगातार चौथी जीत, 20 हजार से अधिक वोटों से भाजपा की हार
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की कस्बा विधानसभा सीट से टीएमसी के जावेद अहमद खान ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के संदीप बनर्जी को 20 हजार से अधिक वोटों के अंतर से मात दी है।
एक तरफ जहां टीएमसी के जावेद अहमद खान को 1,17,893 वोट मिले, वहीं भाजपा के उम्मीदवार को 96,919 वोट मिले। इस तरह जावेद अहमद खान ने 20,974 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। तीसरे नंबर पर सीपीआई (एम) और चौथे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवार रहे।
पश्चिम बंगाल की कस्बा विधानसभा सीट दक्षिण 24 परगना जिले की अहम शहरी सीटों में गिनी जाती है। कोलकाता महानगर क्षेत्र की यह सीट राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कस्बा विधानसभा सीट कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस संसदीय सीट पर फिलहाल तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है, और माला रॉय यहां से सांसद हैं। 2026 विधानसभा चुनाव में कस्बा विधानसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला।
कस्बा विधानसभा सीट पर 2026 के विधानसभा चुनाव में कई प्रमुख उम्मीदवार मैदान में उतरे। तृणमूल कांग्रेस ने मौजूदा विधायक जावेद अहमद खान पर भरोसा जताया। भारतीय जनता पार्टी ने संदीप बनर्जी को उम्मीदवार बनाया। वाम मोर्चे की ओर से सीपीआई (एम) ने दीपू दास, जबकि कांग्रेस ने मोहम्मद हासिम जीशान अहमद को प्रत्याशी बनाया था।
इसके अलावा, कुछ निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में रहे, लेकिन मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वाम मोर्चे के बीच माना गया था।
कस्बा विधानसभा सीट का गठन 2011 में परिसीमन के बाद हुआ था। इससे पहले यह इलाका अलग निर्वाचन सीमाओं में आता था। 2006 की परिसीमन प्रक्रिया के बाद इस सीट का वर्तमान स्वरूप तय हुआ और 2011 में यहां पहली बार विधानसभा चुनाव कराया गया।
कस्बा सीट पर अब तक तृणमूल कांग्रेस का सबसे अधिक दबदबा रहा है। 2011 में सीट बनने के बाद से यहां लगातार तृणमूल कांग्रेस के जावेद अहमद खान जीतते आए हैं। उन्होंने 2011, 2016 और 2021 में लगातार तीन बार इस सीट पर जीत दर्ज की। इस लिहाज से कस्बा सीट पर अब तक तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक रहा है।
कस्बा विधानसभा सीट पर 2026 के विधानसभा चुनाव में लगभग 70 से 71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह कोलकाता की शहरी सीटों के लिहाज से अच्छा मतदान माना जा रहा है।
यहां तृणमूल कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है, लेकिन भाजपा और वाम मोर्चा भी लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करते रहे हैं। 2026 के चुनाव में भी इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना रहा।
--आईएएनएस
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