करवा चौथ पर चांद देखने में होगी परेशानी, दिल्ली समेत कई राज्यों में छाए रहेंगे बादल: आईएमडी
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। करवा चौथ के अवसर पर दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में आसमान में बादल छाए रहने के कारण चांद देखने में परेशानी हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने लोगों को चांद निकलने के अनुमानित समय का ध्यान रखने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 और 30 अक्टूबर को कई क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। साथ ही, दिल्ली में 29 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान है।
डॉ. महापात्र ने आईएएनएस को बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख समेत उत्तर-पश्चिम भारत के विभिन्न हिस्सों में 29 और 30 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। दिल्ली के लिए हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना अपेक्षाकृत अधिक रहेगी।
करवा चौथ पर चांद दिखने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर आईएमडी महानिदेशक ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में आसमान में बादल छाए रहेंगे। खासकर दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में बादलों के कारण चांद देखने में कुछ परेशानी हो सकती है। आज विज्ञान के माध्यम से चांद निकलने के समय की जानकारी उपलब्ध है। ऐसे में लोग चांद निकलने के अनुमानित समय का पालन कर सकते हैं। मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बादलों की मौजूदगी इस अवसर पर चांद देखने को प्रभावित कर सकती है।
महापात्र ने बताया कि चक्रवात अर्नब धीरे-धीरे कमजोर होकर गुरुवार सुबह मध्य छत्तीसगढ़ के ऊपर अवदाब के रूप में केंद्रित था और उत्तर दिशा में आगे बढ़ रहा था। इसके प्रभाव से हवा की गति लगभग 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की जानकारी दी गई।
पिछले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण ओडिशा में लगभग 55 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जिसके कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सिस्टम के उत्तर दिशा में आगे बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता कम होगी, लेकिन अगले 24 घंटों तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी छत्तीसगढ़ और पश्चिमी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका है, जहां 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है। छत्तीसगढ़ में गुरुवार को बारिश अधिक रहने और शुक्रवार को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
आईएमडी के महानिदेशक ने बताया कि पिछले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी बारिश हुई है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
30 अक्टूबर को बिहार के कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का भी अनुमान है। झारखंड में अगले दो दिनों तक बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है। आंध्र प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना नहीं होने की बात कही गई।
महापात्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों सहित सिक्किम के लिए अगले दो दिनों तक येलो से ऑरेंज चेतावनी दी गई है। दो दिनों के बाद मौसम संबंधी गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है। हालांकि, बिहार के नेपाल से सटे उत्तरी इलाकों में 31 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है। उन्होंने नेपाल में भी 31 अक्टूबर तक बारिश की संभावना जताई और कहा कि वहां अधिक बारिश होने का असर कोसी और गंडक जैसी नदियों के माध्यम से भारत में भी देखने को मिल सकता है।
--आईएएनएस
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