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कर्नाटक: मुख्यमंत्री शिवकुमार ने खड़गे की रैली स्थल पर हुए ‘शुद्धिकरण’ की कड़ी निंदा की

 

बेंगलुरु, 13 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा स्थल पर कथित ‘शुद्धिकरण’ समारोह की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे शर्मनाक कृत्य और संविधान का अपमान बताया।

एक बयान में शिवकुमार ने कहा कि यह घटना “केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि हमारे संविधान में निहित मूल्यों पर सीधा हमला है और आधुनिक भारत में जातिगत पूर्वाग्रहों के लिए एक घिनौना उदाहरण है।”

उन्होंने खड़गे को देश के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक और आजीवन लोक सेवक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दलित नेता के संबोधन के कारण सार्वजनिक स्थल को 'शुद्धिकरण' की आवश्यकता बताना स्पष्ट रूप से जातिगत भेदभाव है।

उन्होंने कहा कि यह न केवल मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान है, बल्कि समानता, बंधुत्व और मानवीय गरिमा में विश्वास रखने वाले प्रत्येक भारतीय का अपमान है।

शिवकुमार ने कहा कि अस्पृश्यता कोई राय का मामला नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अपराध और नैतिक कलंक है। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग ऐसी प्रथाओं को वैध ठहराने का प्रयास कर रहे हैं, वे डॉ. बीआर अंबेडकर और संविधान निर्माताओं द्वारा परिकल्पित गणतंत्र की नींव पर ही हमला कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सार्वजनिक जीवन में इस तरह के मध्ययुगीन पूर्वाग्रहों के पुनरुत्थान को बर्दाश्त नहीं कर सकता और न ही करना चाहिए। प्रत्येक नागरिक, चाहे वह किसी भी जाति का हो, समान गरिमा और समान सम्मान का हकदार है। ऐसे कृत्यों को सामान्य बनाने या उचित ठहराने के किसी भी प्रयास को स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया जाना चाहिए।

खड़गे के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मजबूती से खड़े हैं और सभी लोकतांत्रिक ताकतों से इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।

शिवकुमार ने कहा कि इस तरह के भेदभाव के सामने चुप्पी साधने से केवल उन लोगों को बढ़ावा मिलता है जो हमारे समाज को बांटना चाहते हैं। हमें समानता, न्याय और सभी के लिए गरिमा के संवैधानिक वादे पर आधारित भारत के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराना होगा।

--आईएएनएस

एमएस/