कर्नाटक भाजपा नेतृत्व में तालमेल का अभाव: मंत्री प्रियांक खड़गे
बेंगलुरु, 16 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने प्रदेश की भाजपा इकाई के नेतृत्व पर सवाल उठाया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में तालमेल का अभाव है। इसी वजह से इस पार्टी में अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब अगर भाजपा चाहे तो राज्य में कहीं पर भी किसी भी मुद्दे को लेकर सभा या प्रदर्शन का आयोजन कर सकती है। यह उनका अधिकार है, वे कर सकते हैं। इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि आज की तारीख में भाजपा माहौल में अव्यवस्था बनाए हुए है। नेताओं के बीच तालमेल का अभाव है।
कर्नाटक सरकार में मंत्री ने कहा कि कुछ दिनों पहले भाजपा ने पदयात्रा की शुरुआत की थी, लेकिन यह पदयात्रा संपन्न होने से पहले ही समाप्त हो गई। पार्टी को इसका अपेक्षित फायदा नहीं मिल पाया। इससे यह साफ जाहिर होता है कि भाजपा में शीर्ष नेतृत्व पर किसी भी निर्णय को लेकर कोई एकरूपता नहीं है।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि अभी कुछ दिनों पहले ही विधानसभा में आधे विधायक थे और आधे नदारद थे। इससे यह साफ जाहिर होता है कि इन लोगों के जेहन में प्रदेश की जनता को लेकर कोई करुणा नहीं है। ये सिर्फ लोगों का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा के लोग सभा का आयोजन करने जा रहे हैं, तो वो कर सकते हैं। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि जिस तरह से भाजपा की पदयात्रा विफल हुई थी, ठीक उसी प्रकार से आगामी दिनों में यह सभा भी विफल होगी। भाजपा को अपने किसी भी कार्यक्रम से कोई फायदा होने वाला नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मेरा मानना है कि हमें इन चीजों में नहीं उलझना चाहिए कि कौन किस तरह का कार्यक्रम कर रहा है और क्या नहीं कर रहा है। इसके विपरीत हमें प्रदेश की जनता के कल्याण पर ध्यान देना चाहिए। अगर हम ऐसा करेंगे तो निश्चित तौर पर प्रदेश के विकास को एक नई गति मिलेगी, जिसका फायदा सभी लोगों को होगा।
कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के दिल्ली दौरे पर उठ रहे सवालों पर भी ब्रेक लगाया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अगर डीके शिवकुमार दिल्ली जा रहे हैं, तो इससे किसी को क्यों आपत्ति हो रही है? मुझे लगता है कि इससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। संघवाद की व्यवस्था में हमें केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना होता है। ऐसी स्थिति में अगर डीके शिवकुमार दिल्ली जा रहे हैं, तो निसंदेह उन्हें किसी से मिलना चाहिए।
हो सकता है कि वो दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी या पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करें। मैं भी तो कई बार दिल्ली जा चुका हूं। हमारे देश में संघवाद की प्रणाली के तहत सरकार निर्णय लेती है जिसके तहत राज्य सरकार को केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना होता है।
प्रियांक खड़गे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं तो लोगों से यही कहना चाहूंगा कि वो इस बात को भूल जाएं कि राहुल गांधी क्या कह रहे हैं या कोई दूसरा नेता क्या कह रहा है। इसके विपरीत, वो इस बात पर ध्यान दें कि आखिर सरकारी आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति को लेकर क्या तस्वीर बयां करते हैं।
उन्होंने कहा कि निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि आज की तारीख में हम आर्थिक मोर्चे पर जटिल दौर से गुजर रहे हैं, जहां अमेरिका की ओर से लगातार हम पर टैरिफ लगाए जा रहे हैं। अमेरिका कह रहा है कि अगर हम ईरान या रूस के साथ व्यापार करेंगे तो हम पर वो भारीभरकम टैरिफ लगा देगा। मुझे लगता है कि भारत को आगे आकर पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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