कर्नाटक पहुंचे उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, राज्यपाल और मंत्री ने किया गर्मजोशी से स्वागत
बेंगलुरु, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को कर्नाटक पहुंचे, जहां राज्यपाल और कर्नाटक सरकार के मंत्री ने उनका स्वागत किया।
वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया गया है कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज कर्नाटक पहुंचे, जहां कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और कर्नाटक सरकार में वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
उपराष्ट्रपति बीदर के भालकी स्थित श्री चन्नबसावाश्रम में हिरेमठ संस्थान के डॉ. बसावलिंग पट्टादेवरु महास्वामीजी के अमृत महोत्सव समारोह का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे कलबुर्गी स्थित कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इससे पहले उपराष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अर्थ डे पर आइए, हम अपने ग्रह की रक्षा और उसे बचाने का अपना वादा फिर से पक्का करें। भारत की सभ्यता की सोच ने लंबे समय से प्रकृति के साथ तालमेल बनाए रखा है, जैसा कि तमिल कवि थिरुवल्लुवर हमें याद दिलाते हैं, “संसाधनों का सोच-समझकर और मिलकर इस्तेमाल करके सभी जीवों की देखभाल करना।
उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे हम क्लाइमेट चेंज और पर्यावरण की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, आइए हम सस्टेनेबल लाइफस्टाइल अपनाएं और एक ज्यादा हरे-भरे, साफ भविष्य के लिए मिलकर काम करें। हर छोटा कदम मायने रखता है। आइए हम अपने ग्रह का सम्मान सिर्फ़ आज ही नहीं, बल्कि हर दिन करें।
वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए मासूम लोगों को याद किया। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा, मैं पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को पूरी गंभीरता और सम्मान के साथ याद करता हूं। आतंक की उस भयानक और कायरतापूर्ण हरकत में जो निर्दोष जानें गईं, वे हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा के लिए अंकित हो गई हैं। मैं उन लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्हें हमने खो दिया और उनके परिवारों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा हूं, जिनका दुख अपार है। उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, "क्रूरता के ऐसे कृत्य शांति, एकता और मानवता के शाश्वत मूल्यों को बनाए रखने के हमारे संकल्प को कभी डिगा नहीं सकते। हम आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के अपने दृढ़ संकल्प पर कायम हैं।"
--आईएएनएस
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