सरकारी स्कूलों की संयुक्त जिला रैंकिंग जारी, करौली ने मारी बाजी, प्रदेश में पहला स्थान
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता का आकलन करते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मार्च 2026 की संयुक्त जिला रैंकिंग जारी कर दी है। यह रिपोर्ट शाला दर्पण पोर्टल पर 5 अप्रैल तक दर्ज आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस रैंकिंग में Karauli जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। शिक्षा के विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के चलते करौली को यह उपलब्धि मिली है, जिससे जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।
रिपोर्ट कार्ड में स्कूलों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा के उपयोग और प्रशासनिक कार्यों जैसे कई मानकों को शामिल किया गया है। इन सभी क्षेत्रों में करौली जिले के स्कूलों ने अन्य जिलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस रैंकिंग का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे स्कूल स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
इस उपलब्धि के बाद करौली जिले के शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों में उत्साह का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि यह परिणाम सामूहिक प्रयासों का नतीजा है, जिसमें शिक्षकों की मेहनत, प्रशासनिक सहयोग और विद्यार्थियों की भागीदारी शामिल है।
वहीं, अन्य जिलों को भी इस रैंकिंग से सीख लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करने की सलाह दी गई है। विभाग का मानना है कि नियमित निगरानी और मूल्यांकन से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर इस खबर को लेकर खुशी का माहौल है। अभिभावकों और छात्रों ने भी बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष जताया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में और सुधार देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, संयुक्त जिला रैंकिंग में करौली जिले का शीर्ष स्थान हासिल करना राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।