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करण अदाणी ने ओडिशा के डिप्टी सीएम से की मुलाकात, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश पर चर्चा

 

भुवनेश्वर, 13 अगस्त (आईएएनएस)। अदाणी समूह के कार्यकारी निदेशक करण अदाणी और उनकी टीम ने गुरुवार को खरवेल भवन में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव से मुलाकात की। इस दौरान राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव, ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओपीटीसीएल) के सीएमडी भास्कर ज्योति सरमा, जीआरआईडीसीओ के प्रबंध निदेशक सत्यप्रिय रथ और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान पंप्ड स्टोरेज प्लांट (पीएसपी), सौर ऊर्जा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं सहित स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और परियोजनाओं को गति देने पर विचार-विमर्श हुआ। राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता और टिकाऊ बिजली क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

अदाणी समूह ने ओडिशा के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने की अपनी रुचि दोहराते हुए राज्य में 3,000 मेगावाट क्षमता वाले दो पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। बैठक में ओडिशा की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्वसनीय और कार्बन-मुक्त बेसलोड बिजली की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

अदाणी समूह ने उपमुख्यमंत्री को देश के अन्य राज्यों में स्थापित अपनी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया।

इससे एक दिन पहले, बुधवार को करण अदाणी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को श्रीकाकुलम जिले में अदाणी समूह की ओर से 16,000 करोड़ रुपये के निवेश से प्रस्तावित टाइटेनियम प्लांट के बारे में जानकारी दी थी।

राज्य सचिवालय में हुई बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बीच सैंड माइनिंग (समुद्र तट की रेत से खनिज निकालने), इन खनिजों से तैयार किए जा सकने वाले उत्पादों, विभिन्न क्षेत्रों में उनके इस्तेमाल और बाजार में उनकी मांग के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।

अदाणी समूह के प्रतिनिधियों ने बताया था कि समुद्र तट की रेत में उपलब्ध इल्मेनाइट से वैल्यू एडिशन के जरिए टाइटेनियम स्लैग, टाइटेनियम डाइऑक्साइड और टाइटेनियम स्पंज तैयार किए जा सकते हैं। टाइटेनियम डाइऑक्साइड का इस्तेमाल पेंट, कोटिंग, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक और पॉलिमर, यूवी-प्रोटेक्शन उत्पादों समेत कई अन्य उद्योगों में किया जाता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया था कि परियोजना के तहत कौशल विकास सुविधाएं, अदाणी यूनिवर्सिटी, एक अंतरराष्ट्रीय स्कूल, विशाखापत्तनम में 1,000 बिस्तरों वाला अदाणी आरोग्य मंदिर अस्पताल और 150 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में अदाणी समूह की इन प्रस्तावित परियोजनाओं के साथ ऊर्जा, खनिज प्रसंस्करण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं सामने आई हैं।

--आईएएनएस

डीएससी