कानपुर के बाबा मुफ्ती आलम का वीडियो वायरल: भूत-प्रेत और आत्माओं की अदालत का दावा
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। वीडियो में बाबा मुफ्ती आलम लोगों को नकारात्मक शक्तियों से निजात दिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बाबा का दावा है कि उनके पास हर समस्या का समाधान है और यहां तक कि भूत-प्रेत उनकी उंगली के इशारों पर नाचते हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि बाबा मुफ्ती आलम विभिन्न रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चारण के जरिए लोगों की परेशानियों का समाधान करते हैं। उनका कहना है कि उनके पास नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की विशेष शक्ति है और वे प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं का हल निकाल सकते हैं। बाबा ने यह भी दावा किया कि उनके यहां आत्माओं की अदालत लगती है, जिसमें वे आत्माओं से उनके द्वारा किए गए कृत्यों के बारे में पूछताछ करते हैं और उन्हें सजा देते हैं।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही चर्चा का विषय बन गया। कई यूजर्स ने इसे रोचक और हैरान करने वाला बताया, तो कुछ लोगों ने इसे संदिग्ध और अविश्वसनीय माना। वीडियो पर कमेंट करने वाले कई लोग यह पूछ रहे हैं कि क्या वास्तव में भूत-प्रेत इस तरह नियंत्रित किए जा सकते हैं या यह सिर्फ दिखावा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में इस तरह के बाबा और साधु समाज में लंबे समय से मौजूद हैं। लोग कठिनाइयों और समस्याओं के समाधान के लिए ऐसे व्यक्तियों का सहारा लेते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को और चर्चा योग्य बना दिया है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो वायरल होने से लोगों में अंधविश्वास और कुतूहल दोनों बढ़ते हैं।
बाबा मुफ्ती आलम का दावा है कि उनकी शक्तियां केवल व्यक्तिगत समस्याओं तक सीमित नहीं हैं। वे कहते हैं कि उनकी तकनीक से किसी भी नकारात्मक ऊर्जा, चाहे वह मानसिक तनाव हो, अशुभ विचार हों या आत्मिक परेशानियां, सभी को दूर किया जा सकता है। बाबा के अनुयायी उनके वीडियो को देखकर आश्वस्त महसूस कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनके बारे में प्रश्न और टिप्पणियां लगातार बढ़ रही हैं।
हालांकि, इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि सोशल मीडिया पर किस तरह की सामग्री लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। कुछ लोग इसे मज़ेदार और मनोरंजक मानते हैं, जबकि अन्य इसे अंधविश्वास और झूठे दावों के रूप में देखते हैं। इसके बावजूद, वायरल वीडियो ने बाबा मुफ्ती आलम को इंटरनेट पर एक नया ध्यान केंद्र बना दिया है।
अंततः, कानपुर के इस बाबा का वीडियो सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारत में पारंपरिक विश्वास और आधुनिक डिजिटल दुनिया का मेल किस तरह लोगों के सोचने और प्रतिक्रिया देने के तरीके को प्रभावित करता है। चाहे लोग उनके दावों पर विश्वास करें या न करें, वीडियो ने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान खींचा है और चर्चा की एक लंबी श्रृंखला शुरू कर दी है।