कानून व्यवस्था हिमाचल सरकार की प्राथमिकता में नहीं: जयराम ठाकुर
शिमला, 28 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने मंदिरों में ट्रांसजेंडर का भेष बदलकर पैसे इकट्ठा करने वाले बांग्लादेशी विद्यार्थी को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने इसे इंटेलिजेंस की नाकामी बताया और जांच की मांग की।
जयराम ठाकुर ने आईएएनएस से कहा कि जो देश का रहने वाला नहीं है और हिंदू धर्म से भी नहीं है, ट्रांसजेंडर का भेष बदलकर लोगों के धार्मिक भावना को भड़का रहा है। लोग किन्नर समझकर श्रद्धा से उसको पैसा दे रहे हैं। हमारे सनातन धर्म में किन्नरों के लिए सम्मान और श्रद्धा है, इस वजह से उसको पैसे दे रहे हैं लेकिन यह जांच का विषय है।
उन्होंने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस का कहना है कि उसने कुछ गलत नहीं किया है। उसने गलत कैसे नहीं किया? वो स्टूडेंट वीजा पर है। हिंदू नहीं है, मुस्लिम है और देश का नहीं है, बांग्लादेश का नागरिक है। इसके बाद भी वह किन्नर बनकर लोगों से पैसा इकठ्ठा कर रहा है तो यह जांच का विषय कैसे नहीं है? यह जांच का विषय है।
उन्होंने कहा कि खासतौर पर संवेदनशील जगह, जहां मंदिर हैं, जहां भीड़ होती है, लोग श्रद्धा के साथ आते हैं, उस जगह पर इसका जाना चिंता का विषय है। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। जांच में ऐसा पाया गया है तो इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। प्रदेश में गोलियां चल रही हैं। नशे का प्रचलन इतना ज्यादा बढ़ गया है कि दूरदराज के इलाके में नशे की खेप पहुंच रही है और इसका सेवन हो रहा है। नौजवान नशे का सेवन करते हुए पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एसटीएफ के कर्मचारी ही नशे में शामिल हैं। यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में हत्याएं हो रही हैं, गोलियां चल रही हैं। कानून-व्यवस्था को मेंटेन करना सरकार की प्राथमिकता में नहीं है।
--आईएएनएस
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