×

कमजोंग के तीन सीमावर्ती गांवों पर हुए हमले की जांच कर रही मणिपुर पुलिस : गृह मंत्री

 

इंफाल, 7 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंद दास सिंह ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राज्य पुलिस भारत-म्यांमार सीमा के पास कमजोंग जिले के तीन गांवों पर हुए उग्रवादी हमले की जांच कर रही है।

गृह मंत्री ने सदन को बताया कि इस वर्ष 7 मई को हथियारबंद उग्रवादियों ने म्यांमार सीमा से लगे कमजोंग जिले के जेड चोरो, नामली और वांगली गांवों पर हमला किया था। ये गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित हैं और सीमा क्षेत्र में बाड़ नहीं लगी हुई है।

कांग्रेस विधायक कंगुजाम रंजीत सिंह द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि इस हमले में एक व्यक्ति घायल हुआ था, जबकि 23 घरों को आग के हवाले कर दिया गया था।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रभावित गांवों में हुए नुकसान का आकलन किया है। विभिन्न संपत्तियों को हुए नुकसान की कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण का काम भी शुरू किया जा चुका है।

गृह मंत्री ने कहा कि घटना के तुरंत बाद वह कुछ विधायकों के साथ राहत सामग्री लेकर प्रभावित गांवों का दौरा करने गए थे। उन्होंने बताया कि ये गांव दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित हैं और घटना के बाद क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

हमले और आगजनी में म्यांमार स्थित उग्रवादी संगठन कुकी नेशनल फ्रंट (बी गुट) की संलिप्तता के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है।

उन्होंने कहा कि इस स्तर पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि उक्त उग्रवादी संगठन हमले में शामिल था या नहीं।

बता दें कि मणिपुर के चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कमजोंग और उखरूल जिले म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।

इस बीच, सोमवार को मणिपुर पुलिस, कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की महिला कर्मियों और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले के सैकुल थाना क्षेत्र के गंपुम गांव में अभियान चलाकर कुकी लिबरेशन आर्मी (केएलए) के आठ कैडरों को गिरफ्तार किया।

सुरक्षा बलों ने संदिग्ध केएलए के एक अवैध शिविर पर छापा मारकर वहां से हथियार और गोला-बारूद का जखीरा भी बरामद किया। शिविर से सात स्वचालित हथियार बरामद किए गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों और बरामद हथियारों को आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा बलों ने अवैध शिविर को सील कर दिया है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी