‘Just Like Me’ AI ऐप बना चर्चा का विषय, $1.99/मिनट में ‘AI Jesus’ से बातचीत पर छिड़ी बहस
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक AI आधारित ऐप “Just Like Me” तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यूजर्स एक अनोखे अनुभव के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बातचीत कर सकते हैं। इस ऐप की सबसे ज्यादा चर्चा इसकी एक खास सुविधा को लेकर हो रही है, जिसमें यूजर्स $1.99 प्रति मिनट की दर से “AI Jesus” से बातचीत कर सकते हैं।
यह ऐप टेक्नोलॉजी और आस्था के बीच एक नई बहस को जन्म दे रहा है, क्योंकि इसमें धार्मिक प्रतीकों और डिजिटल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़कर इंटरैक्शन का नया तरीका पेश किया गया है।
ऐप के यूजर्स का दावा है कि इसमें बातचीत का अनुभव काफी अलग और इंटरैक्टिव है, जहां AI आधारित सिस्टम सवालों के जवाब एक खास शैली में देता है। वहीं दूसरी ओर, कई लोग इसे आस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का डिजिटल उपयोग मानकर सवाल उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस ऐप को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे तकनीक का नया और रोचक प्रयोग बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि धार्मिक भावनाओं के साथ इस तरह का प्रयोग विवाद को जन्म दे सकता है।
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक तेजी से हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है, लेकिन इसके उपयोग को लेकर नैतिकता और संवेदनशीलता पर चर्चा जरूरी है। खासकर जब मामला आस्था और व्यक्तिगत विश्वास से जुड़ा हो।
कुल मिलाकर, “Just Like Me” ऐप न केवल तकनीकी नवाचार का उदाहरण बन गया है, बल्कि यह समाज में यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि AI और आस्था के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।