जेएसएससी सीजीएल केस में दो और गिरफ्तार, अभ्यर्थियों से पैसे लेकर ‘सेटिंग’ कराने का आरोप
रांची, 15 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने मंगलवार को कोडरमा के दो युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार के रूप में हुई है।
इनमें राजेश यादव एक यूट्यूबर है, जबकि संदीप कुमार एक सामाजिक ट्रस्ट का संचालक बताया जा रहा है। दोनों पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने और सेटिंग कराने के आरोप हैं।
सीआईडी के अनुसार, मामले में पहले गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान राजेश यादव और संदीप कुमार के कथित कनेक्शन के बारे में सुराग मिले थे। इसके बाद मिले इनपुट के आधार पर सीआईडी की टीम ने कोडरमा में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।
जांच टीम ने डोमचांच थाना क्षेत्र के गोलवाढाब से राजेश यादव और कोडरमा थाना क्षेत्र के पूर्णानगर से संदीप कुमार को हिरासत में लिया। दोनों को पूछताछ के लिए रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय लाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, करीब तीन दिनों तक पूछताछ के बाद मंगलवार को दोनों की औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में दोनों की क्या भूमिका थी और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। सीआईडी वित्तीय लेन-देन, अभ्यर्थियों के संपर्क और परीक्षा में कथित अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, दोनों से पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग मौकों पर पूछताछ की जा रही थी। एजेंसी का दावा है कि पूछताछ के दौरान वित्तीय लेन-देन और अभ्यर्थियों से संबंधित जानकारी को लेकर दोनों से कई सवाल किए गए।
आरोप है कि इन सवालों के जवाब में वे जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे थे और कुछ मामलों में जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की गई। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीआईडी की एसआईटी अब दोनों के कथित नेटवर्क और परीक्षा में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
--आईएएनएस
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