रांची : जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन 13वें दिन भी जारी, 13 साल के छात्र जैद ने पेपर लीक और रद्द होने पर जताई पीड़ा
रांची, 6 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन 13वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची में खुले आसमान के नीचे बैठे उम्मीदवार अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। इस बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो ने सरकार पर दबाव बढ़ाने की बात कही है।
जयराम महतो ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सरकार पर दबाव है। वे बहुत दबाव में हैं। मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और सत्ताधारी पार्टी के अन्य विधायक दबाव महसूस कर रहे हैं। विधानसभा के अंदर उनके हाव-भाव से यह साफ पता चलता है।"
उन्होंने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही के बाद सरकार ने कैबिनेट समन्वय समिति की बैठक बुलाई थी। यह बैठक स्पीकर की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सभी विधायी दलों के नेता मौजूद थे। मैं भी बैठक में शामिल हुआ। मैंने फिर से कहा कि सरकार को खुले आसमान के नीचे बैठे छात्रों से सीधे बातचीत और लंबित मुद्दों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाना चाहिए और उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में अब आम जनता और स्कूली बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। छठी कक्षा का 13 वर्षीय छात्र जैद भी आंदोलन में पहुंचा। जैद ने कहा, "मुझे लगता है कि हम सभी छात्र, हम सभी युवा, इस देश, इस सोने की चिड़िया को और आगे ले जाने की पूरी कोशिश करते हैं। चाहे वह आधुनिकीकरण हो, पढ़ाई-लिखाई हो, खेलकूद हो या फिर ढेरों अवसर हों। हम बस इस देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं। हम कड़ी मेहनत करते हैं, दिन-रात एक कर देते हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। उसके बाद हमें क्या देखने को मिलता है? या तो परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है या फिर परीक्षा ही रद्द कर दी जाती है।"
जैद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की, "मैं सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सर से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे सभी जरूरतों को पूरा करें और हमारी बात पर ध्यान दें, ताकि भविष्य में हमें ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।"
आंदोलनकारी छात्रों ने बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी बनाया है। एक छात्र ने बताया, "हमने 11 सदस्यों की एक प्रतिनिधि समिति बनाई है और प्रतिनिधिमंडल का नाम बता दिया गया है। जब भी मीटिंग तय होगी, हमें तारीख और समय बता दिया जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में 8 छात्र प्रतिनिधि, अभिभावकों के प्रतिनिधियों के तौर पर 2 पत्रकार और 1 कानूनी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो अभिभावक प्रतिनिधि के तौर पर हमारे साथ रहेंगे।"
सरकार की ओर से मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा, "ये हमारे युवा और हमारे बच्चे हैं। हम समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हम बातचीत करेंगे। एक समिति बनाई गई है और समिति उनसे मुलाकात करेगी।"
--आईएएनएस
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