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कर्पूर चन्द्र कुलिश की जन्मशती पर पत्रकारिता की निष्पक्ष परंपरा को किया गया याद

 

Jaipur में कर्पूर चन्द्र कुलिश की जन्मशती के अवसर पर उनकी निष्पक्ष, निर्भीक और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता को याद किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने उनके योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता को एक नई दिशा दी और ‘पाठक सर्वोपरि’ के सिद्धांत को मजबूती से स्थापित किया।

कुलिश जी की पत्रकारिता शैली हमेशा निष्पक्षता और सच्चाई पर आधारित रही। उन्होंने न केवल खबरों को बिना किसी दबाव के प्रस्तुत किया, बल्कि समाज के वास्तविक मुद्दों को भी प्राथमिकता दी। उनके इस दृष्टिकोण ने पत्रकारिता को एक जिम्मेदार और विश्वसनीय माध्यम के रूप में स्थापित किया।

वक्ताओं ने कहा कि ‘पाठक सर्वोपरि’ का सिद्धांत ही वह आधार है, जिसने Rajasthan Patrika को जनविश्वास और विश्वसनीयता का प्रतीक बनाया। इस सिद्धांत के कारण अखबार ने न केवल पाठकों के दिलों में जगह बनाई, बल्कि अपनी अलग पहचान भी कायम की।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि आज के समय में जब मीडिया पर कई तरह के दबाव देखने को मिलते हैं, ऐसे में कर्पूर चन्द्र कुलिश की पत्रकारिता से प्रेरणा लेना बेहद जरूरी है। उनके आदर्श आज भी पत्रकारिता जगत के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।

जन्मशती समारोह में उनके जीवन, संघर्ष और पत्रकारिता के योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, नई पीढ़ी को उनके सिद्धांतों को अपनाने और निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर यह भी कहा गया कि कुलिश जी ने पत्रकारिता को सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना। उनके विचारों और सिद्धांतों ने पत्रकारिता को एक नई पहचान दी, जो आज भी प्रासंगिक है।

कुल मिलाकर, कर्पूर चन्द्र कुलिश की जन्मशती ने एक बार फिर उनके योगदान और पत्रकारिता के मूल्यों को याद करने का अवसर प्रदान किया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।