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जॉर्डन में अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को एयरपोर्ट और बंदरगाह से दूर रहने की दी सलाह

 

अम्मान, 19 जुलाई (आईएएनएस)। जॉर्डन की राजधानी अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी करते हुए उन्हें देश के हवाई अड्डे और समुद्री बंदरगाह की यात्रा न करने की सलाह दी है।

सोशल मीडिया पर जारी एडवाइजरी में दूतावास ने बताया कि जॉर्डन के अधिकारियों ने “एक विशेष और विश्वसनीय रिपोर्ट” के आधार पर अकाबा स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और बंदरगाह को खाली कराया है।

अमेरिकी दूतावास ने कहा, “हम सभी अमेरिकी नागरिकों को सलाह देते हैं कि वे हवाई अड्डे या बंदरगाह की यात्रा करने से बचें। साथ ही जॉर्डन के सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करते रहें।”

दूतावास ने यह भी दोहराया कि अमेरिकी नागरिक जॉर्डन में सैन्य ठिकानों की यात्रा से बचें, क्योंकि वहां सुरक्षा संबंधी खतरे बने हुए हैं। सलाह दी कि जॉर्डन के नेशनल सेंटर फॉर सिक्योरिटी एंड क्राइसिस मैनेजमेंट की वेबसाइट पर जाकर सार्वजनिक सुरक्षा दिशानिर्देशों की जानकारी लें, जिसमें आपातकालीन सायरन से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। इसके साथ ही किसी भी प्रदर्शन या बड़े जमावड़े से दूर रहें, उन इलाकों में जाने से बचें जहां भारी पुलिस बल तैनात हो और स्थानीय मीडिया से सुरक्षा संबंधी अपडेट लेते रहें।

अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को विदेश विभाग के स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (स्टेप) में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी है। इसके माध्यम से यात्रियों को सुरक्षा संबंधी नवीनतम जानकारी मिलती रहती है और आपात स्थिति में दूतावास उनसे आसानी से संपर्क कर सकता है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने 2 मार्च 2026 को भी सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर जॉर्डन में तैनात गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया था।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने इससे पहले जानकारी दी थी कि उसने ईरान के खिलाफ लगातार आठवीं रात भी सैन्य अभियान जारी रखा। अमेरिका के अनुसार, जॉर्डन में ईरान की ओर से किए गए एक हमले के बाद उसके दो सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी।

मौजूदा हालात को देखते हुए जॉर्डन ने भी सुरक्षा इंतजामात सख्त कर दिए हैं। क्षेत्रीय तनाव के बीच हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सैन्य प्रतिष्ठानों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

--आईएएनएस

केआर/