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झामुमो जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड की संदिग्ध मौत के मामले में झारखंड भाजपा ने बनाई पांच सदस्यीय जांच कमेटी

 

रांची, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड के हजारीबाग जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के सरकारी अंगरक्षक निरंजन महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस सनसनीखेज घटना की तह तक जाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश नेतृत्व ने एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

यह समिति घटनास्थल का दौरा कर सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी और आगामी 26 अक्टूबर तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देशानुसार गठित इस प्रदेश स्तरीय जांच समिति की कमान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा को सौंपी गई है। इस समिति में प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा, प्रदेश प्रवक्ता आरती कुजूर और हजारीबाग के जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि गुरुवार सुबह बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के आवास पर उनके सरकारी बॉडीगार्ड और जिला पुलिस बल के जवान निरंजन महतो का शव उनके बंद कमरे से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में एके-47 राइफल से गोली चलने की बात सामने आई थी।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह दुर्घटनावश हथियार की साफ-सफाई के दौरान हुई अनहोनी है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक साजिश है। फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

झामुमो के जिलाध्यक्ष सहित मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। भाजपा की जांच समिति जल्द ही हजारीबाग के उरीमारी स्थित घटनास्थल का दौरा करेगी और पीड़ित परिवार के सदस्यों से मिलकर जानकारी लेगी। साथ ही, घटना से जुड़े तमाम तथ्यों की पड़ताल करेगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जवान की संदिग्ध मौत के हर पहलू की पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएसएच