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जिम और फिटनेस सेंटर्स में यौन शोषण के मामलों पर एनएचआरसी सख्त, प्रियंक कानूनगो ने जताई चिंता

 

नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। देश भर में जिम और फिटनेस क्लब्स में ट्रेनर्स द्वारा महिलाओं, बालिकाओं और किशोरियों को लक्षित कर किए जा रहे कथित यौन शोषण के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गंभीर चिंता जताई गई है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कड़ा रुख अपनाया है।

प्रियंक कानूनगो ने इसे न सिर्फ सामाजिक बल्कि नैतिक और कानूनी दृष्टि से भी बेहद गंभीर समस्या बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जिम और फिटनेस क्लब्स में केवल यौन शोषण ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़े खतरे भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी राज्य सरकारों, खेल मंत्रालय और खेल प्राधिकरण को नोटिस भेजे गए हैं। इन नोटिसों के माध्यम से जिम और फिटनेस सेंटरों की स्थापना और संचालन से जुड़ी मौजूदा नियमावली और गाइडलाइंस की जानकारी मांगी गई है।

प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जिम और फिटनेस क्लब्स में ट्रेनर्स द्वारा महिलाओं/बालिकाओं/किशोरियो को लक्षित कर किए जा रहे यौन शोषण के अनेक मामले देश के कई स्थानों पर प्रकाश में आए हैं। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण से भी अमानक फ़ूड सप्लीमेंट व अनियंत्रित शारीरिक गतिविधि भी मानव जीवन के लिए खतरा हैं।"

उन्होंने आगे लिखा, "अतः सभी राज्य सरकारों व खेल मंत्रालय एवं खेल प्राधिकरण को नोटिस प्रेषित कर के जिम /फिटनेस सेंटर स्थापित /संचालित करने संबंधी नियमों एवं गाइडलाइन की जानकारी आहूत की है। जिससे कि इस क्षैत्र में अनैतिक गतिविधियों को नियंत्रित करने की दिशा में कार्य किया जा सके।"

इससे पहले, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिम और फिटनेस सेंटर की आड़ में युवतियों के शोषण और कथित जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों पर संज्ञान लिया था। आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मिर्जापुर में एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जो जिम और फिटनेस सेंटर के माध्यम से युवतियों को निशाना बनाता था।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस