झारखंड सरकार ने बजट पूर्व विशेषज्ञों से की चर्चा, वित्त मंत्री का आंतरिक संसाधन मजबूत करने पर जोर
रांची, 16 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य में ‘मंईयां सम्मान योजना’ सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हम आगामी बजट में अपने आंतरिक संसाधनों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
वर्ष 2026–27 के बजट को लेकर आयोजित दो दिवसीय गोष्ठी में समापन भाषण करते हुए उन्होंने कहा कि हमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनके आधार पर आगामी बजट में राजस्व वृद्धि और आधारभूत संरचना के संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
किशोर ने कहा कि बजट लोकतांत्रिक और समावेशी होना चाहिए, जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ बजटीय प्रावधानों के प्रभावी उपयोग पर फोकस करने पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स प्रणाली में लगातार सुधार हो रहा है और राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए इसे और मजबूत किया जाएगा। कृषि और सिंचाई राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं, जिससे ग्रामीण विकास विभाग पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष योजना की आवश्यकता है। उन्होंने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मैमोग्राफी जांच सुविधा, तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति और चरणबद्ध तरीके से जिलों के सदर अस्पतालों में सीटी स्कैन व एमआरआई सुविधाओं के विस्तार का सुझाव दिया। साथ ही पोषाहार योजनाओं के प्रभावी वितरण को सुनिश्चित करने पर बल दिया।
गोष्ठी में मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि वर्ष 2020 के बाद झारखंड ने शिक्षा, ऊर्जा और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब ग्रीन एनर्जी की दिशा में अगले 10 वर्षों के लिए दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेक्टर को और बेहतर बनाने के लिए रिम्स-2, हाईटेक लैब और सभी जिलों में न्यूनतम 10 आईसीयू बेड की सुविधा विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने पीडीएस के तहत सरसों तेल और पोषण युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने पीडीएस में दाल, अंडा और मिलेट्स को शामिल करने के लिए सुदृढ़ प्रोक्योरमेंट प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना का विकास पीपीपी मोड पर किया जाए और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंड का बेहतर उपयोग हो।
--आईएएनएस
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