झारखंड सरकार छात्रों के साथ, 90 फीसदी मांगों पर बनी सहमति: मंत्री राधा कृष्ण किशोर
रांची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य सरकार के मंत्री राधा कृष्ण किशोर और शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा पर छात्र आंदोलन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। दोनों मंत्रियों ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और बातचीत के जरिए आंदोलन का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, यह भी दावा किया गया कि छात्रों की करीब 90 फीसदी मांगों पर सहमति बन चुकी है। मंत्रियों ने विपक्ष से अपील की कि वह छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन में बदलने के बजाय विधानसभा में चर्चा के माध्यम से समाधान निकालने में सहयोग करे।
मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भाजपा के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और हेमंत सोरेन सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर चिंतित है तो उसे तार्किक तरीके से छात्रों की समस्याओं को विधानसभा में उठाना चाहिए। राहुल गांधी दिल्ली में हैं, जबकि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार है। ऐसे में छात्र आंदोलन के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का पूरा फोकस राहुल गांधी और कांग्रेस पर राजनीतिक हमला करने पर है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर चिंता है और इसी वजह से कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है।
राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि छात्रों की समस्याओं पर चर्चा के लिए विधानसभा में पर्याप्त अवसर मौजूद था। 10 अगस्त को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह तय किया गया था कि छात्रों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अनुपूरक बजट पर होने वाली चर्चा का समय दो घंटे से बढ़ाकर तीन घंटे किया जाएगा। यह प्रस्ताव विपक्ष की ओर से आया था और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के प्रस्ताव पर चर्चा का समय बढ़ाया गया था। ऐसे में विपक्ष को विधानसभा में मौजूद रहकर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी। जब विधानसभा का सत्र चल रहा था और छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा का समय बढ़ाया गया था, तब विपक्ष विधानसभा में आकर अपनी बात क्यों नहीं रखता?
मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने विधानसभा में चर्चा के बजाय आंदोलन को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की ओर मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री विधानसभा में आते और विपक्ष सार्थक चर्चा में हिस्सा लेता तो छात्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस परिणाम सामने आ सकता था। सरकार की सोच छात्रों को लेकर पहले भी सकारात्मक थी और आज भी सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने और राज्यहित तथा छात्रहित में आवश्यक निर्णय लेने के लिए तैयार है। लेकिन, भाजपा आंदोलन को जारी रखना चाहती है ताकि छात्रों की समस्याओं का समाधान न हो और आंदोलन के जरिए राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
राधा कृष्ण किशोर ने आगे कहा कि सरकार भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के आधार पर निर्णय नहीं लेगी। उनका कहना था कि सरकार जो भी फैसला करेगी, वह राज्य और छात्रों के हित को ध्यान में रखकर करेगी।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी भाजपा पर छात्र आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है और आंदोलन से जुड़े तमाम घटनाक्रम लोगों के सामने हैं। 10 अगस्त को निकाले गए मार्च का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें बड़ी संख्या में ऐसे छात्र थे, जो अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शन के बीच भाजपा से जुड़े लोगों ने भीड़ को उकसाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों की ओर से सुरक्षा बलों को भी उकसाने का प्रयास किया गया और कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पत्थरबाजी की गई।
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार की ओर से प्रशासन और सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक बल का प्रयोग नहीं किया जाए। यही वजह रही कि प्रदर्शनकारी विधानसभा तक पहुंच सके। जब स्थिति बिगड़ने लगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता महसूस हुई, तभी सीमित कार्रवाई की गई। इसके अलावा कहीं भी सुरक्षा बलों की ओर से व्यापक बल प्रयोग नहीं किया गया। सरकार लगातार छात्रों के संपर्क में है और उनसे बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं। जो वास्तविक छात्र हैं, वे भी अब यह समझ रहे हैं कि कुछ राजनीतिक दल आंदोलन के जरिए अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि सरकार चाहती है कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर सीधे बातचीत हो और समाधान निकाला जाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने छात्रों की करीब 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति दे दी है।
--आईएएनएस
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