झारखंड: पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव को एक साल की जेल, अदालत ने दी प्रोविजनल बेल
दुमका, 4 मई (आईएएनएस)। झारखंड के दुमका स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को पोड़ैयाहाट सीट के कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को 14 साल पुराने एक मामले में दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी की अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 225 के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
हालांकि, इसी मामले में आरोपी बनाए गए सारठ के पूर्व भाजपा विधायक रणधीर सिंह समेत अन्य सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद प्रदीप यादव के अधिवक्ता शंकर बसई वाला ने अदालत में प्रोविजनल जमानत के लिए आवेदन दिया। न्यायालय ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए दस-दस हजार रुपये के दो मुचलकों पर एक माह के लिए जमानत प्रदान कर दी।
इस अवधि के दौरान विधायक ऊपरी अदालत में अपील दायर कर सकेंगे। अभियोजन पक्ष ने इस पूरे मामले में अदालत के समक्ष कुल छह गवाह पेश किए थे। यह मामला 15 सितंबर 2010 का है, जब देवघर को सुखाड़ (सूखा) क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर तत्कालीन झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के नेताओं के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया था।
प्रदीप यादव और रणधीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। घटना के बाद तत्कालीन दंडाधिकारी सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपत्ति अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया था। इस प्राथमिकी में 12 नामजद समेत 200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था।
सोमवार को सुनवाई के दौरान प्रदीप यादव और रणधीर सिंह समेत सभी आरोपी न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे। अदालत ने जहां प्रदीप यादव को सजा सुनाई, वहीं अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
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